अयोध्या फैसले को लेकर हाईअलर्ट, बरेली जोन में 2800 खुराफाती चिह्नित





बरेली। अयोध्या प्रकरण के संभावित फैसले को लेकर एडीजी ने बरेली जोन में हाईअलर्ट घोषित कर दिया है। हर जिला स्तर पर कंट्रोल रूम तैयार करने, फैसले के रिएक्शन पर तत्काल कार्रवाई, सघन इलाकों की मॉनीटरिंग करने के निर्देश सभी एसपी को दिए हैं। पुलिसकर्मियों की छुट्टियां 30 नवंबर तक रद्द कर दी हैं। उन्हें स्पेशल ड्यूटी कार्ड जारी किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर खास नजर रहेगी। व्हाट्सएप ग्रुपों पर कोई अमर्यादित टिप्पणी करने या अफवाह फैलाने वाले के साथ ही एडमिन पर भी कार्रवाई की जाएगी। बवाल हुआ तो इंटरनेट बंद करने की भी तैयारी है।



एडीजी अविनाश चंद्र ने मंगलवार को अपने कार्यालय में पत्रकारों को इसकी जानकारी दी। बताया कि पुलिस को खास सजगता के निर्देश दिए गए हैं। शांति समितियों की बैठक में लोगों को बताया जा रहा है कि पांच जजों की बेंच ने दो महीने लगातार सुनवाई करके जो फैसला तैयार किया है वह सर्वमान्य होगा और उस पर कोई रिएक्शन नहीं होना चाहिए। फिलहाल बरेली जोन से मिली खुफिया रिपोर्ट में फैसले पर रिएक्शन का कोई इनपुट नहीं है फिर भी पुलिस को हर स्थिति से निपटने को तैयार किया जा रहा है। क्विक रेस्पांस टीमें आपात स्थिति से निपटने को तैयार रहेंगी। हर जिले में इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। इसमें पुलिस के अलावा डॉक्टर भी टीम के साथ तैयार रहेंगे। हर जिले में 250 से 300 तक ऐसे लोग चिह्नित किए गए हैं जो कानून व्यवस्था बिगाड़ सकते हैं। इन पर खास नजर है। जोन के नौ जिलों में करीब 2800 ऐसे लोग चिह्नित हुए हैं।


एडीजी दफ्तर में भी खुलेगी साइबर यूनिट
कोतवाली, बारादरी समेत जिले के चार थानों में साइबर यूनिट बनाई जा रही हैं। इसमें तकनीकी रूप से दक्ष स्टाफ को तैनात किया जाएगा। यह यूनिट सोशल मीडिया और इंटरनेट के जरिये होने वाले अपराध पर निगरानी और कार्रवाई करेगी। एडीजी ने बताया कि उनके कार्यालय में भी ऐसी ही यूनिट खोली जाएगी। यहां से जोन स्तर तक साइबर क्राइम की मॉनीटरिंग होगी।


ड्रोन कैमरों से होगी चिह्नित बस्तियों की निगरानी
एडीजी ने बताया कि हर जिले में कुछ बस्तियों को चिह्नित किया गया है। इनमें ड्रोन कैमरों से निगरानी कराई जाएगी। यह देखा जाएगा कि छतों पर पत्थर आदि सामान तो जमा नहीं किया गया है। खुफिया अमले को खासतौर पर इन्हीं स्थानों पर निगाह रखने को कहा गया है।


एडीजी खुद मोबाइल पर करेंगे संवाद
- एडीजी ने जोन स्तरीय पांच टीमें बनाई हैं जो थाना स्तर पर जाकर तैयारी की समीक्षा करेंगी। एडीजी और डीआईजी खुद जनता से मोहल्लों में जाकर संवाद करेेेंगे। एसएसपी से भी ऐसा करने को कहा गया है। चुनिंदा संभ्रांत लोगों से एडीजी मोबाइल पर बात करके सहयोग मांगेंगे और खुराफातियों को मोबाइल पर ही चेतावनी दी जाएगी। बवाल की स्थिति में ऐसे ऐसे लोग नजरबंद या जेल भेजे जा सकते हैं।


जेलों में तैयारी के निर्देश, अस्थाई जेल पर भी विचार
- एडीजी ने बताया कि जरूरत के मुताबिक और अर्धसैनिक बल मंगाए जा रहे हैं। पूरे जोन में मांग और खुफिया इनपुट के हिसाब से फोर्स भेजी जाएगी। बताया कि जेलों में भी ज्यादा लोगों को भेजने की स्थिति में इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। आपात स्थिति में गिरफ्तारियों के दौरान बंदियों को रखने के लिए व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के लिए भी सभी एसपी से कहा गया है।


जरूरी वाहनों के अधिग्रहण के लिए बन रही सूची
- पुलिस अधीक्षकों को आपात स्थिति मेें पुलिस बल को एक जगह से दूसरी जगह तक लाने ले जाने के लिए जरूरी वाहनों की व्यवस्था करने को भी कहा गया है। इसके बाद जिलों में वाहनों के अधिग्रहण की तैयारी और उनको सूचीबद्ध किया जा रहा है।


बरेली आई एक कंपनी आरएएफ
- एक कंपनी रैपिड एक्शन फोर्स बरेली आ गई है। जवानों को रुहेलखंड विश्वविद्यालय में ठहराया गया है। असिस्टेंट कमाडेंट कासिफ फहीम ने बताया कि जवान शहर में लगातार पुलिस के साथ मिलकर रूट मार्च करेंगे। बताया कि संवेदनशील स्थिति में पुलिस की मांग के अनुरूप आरएएफ के जवानों को दूसरे जिलों में भी भेजा जाएगा।