हवाई चप्पल वाले भी कर सकेंगे हवाई यात्रा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के लिए 80.13 फीसदी जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। बुधवार को गौतमबुद्धनगर के जेवर के आसपास के कई गांवों के किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनके सरकारी आवास पर जमीनों के कब्जा प्रमाणपत्र सौंपे।
 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का सपना है कि हवाई चप्पल पहनने वाला आम आदमी भी हवाई जहाज से चले। प्रदेश सरकार इंटर कनेक्टिविटी के जरिये उस सपने को साकार कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दिल्ली के निकट जेवर में बने, इस प्रतिस्पर्धा में विजय प्राप्त हुई है। भारत सरकार को कई राज्यों ने इसका प्रस्ताव दिया था। योगी ने कहा, विकास का कोई विकल्प नहीं है। विकास का असली पैमाना आम-जन की खुशहाली है। किसी भी प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण सबसे अहम है।

आम सहमति बनाने के लिए संवाद व भावनाओं का सम्मान होना चाहिए। जेवर में जमीन अधिग्रहण ने देश के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया है कि आपसी सहमति और बेहतर संवाद से कैसे विकास के लिए भूमि ली जा सकती है। इसके लिए उन्होंने किसानों के साथ ही जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस-वे का विकास हुआ है, लेकिन जेवर और आसपास का क्षेत्र विकास से कोसो दूर था। उनकी सरकार बिना भेदभाव के लगातार यह काम कर रही है। जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी इसी की एक कड़ी है। इसके बन जाने से इस पूरे क्षेत्र के विकास में चार चांद लग जाएंगे।


पिछली सरकारों को लूट-खसोट से फुर्सत नहीं थी



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2016 से यह मामला लगातार चल रहा था, लेकिन पिछली सरकारों में विकास के प्रति स्पष्ट सोच नहीं थी। किसानों, मजदूरों, खेती के मुद्दे पर चर्चा की फुर्सत नहीं थी। फुर्सत तब होती जब लूट-खसोट और दूसरे कामों से फुर्सत मिलती। इसलिए प्रदेश लगातार पिछड़ता जा रहा था।

उन्होंने कहा, अनेक जगह से हवाई अड्डा के लिए प्रस्ताव आए थे, लेकिन मेरे मन में था कि जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बने। इससे न केवल क्षेत्र का विकास होगा वरन दुनिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनने से प्रदेश की 23 करोड़ जनता गौरवान्वित होगी। उन्होंने स्थानीय विधायक व सांसद से बात की। उनका रुख सकारात्मक था। उन्होंने किसानों से बातचीत करके सकारात्मक माहौल बनाया।

7 हवाई अड्डों का संचालन शुरू, 17 हवाई पट्टियों पर काम जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि ढाई वर्ष पहले जब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो सिर्फ दो एयरपोर्ट थे, लखनऊ और वाराणसी। अब गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर, आगरा व हिंडन समेत 7 हवाई अड्डों से वायु सेवा प्रारंभ हो चुकी है। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद से 17 हवाई पट्टियां लावारिश पड़ी हुईं थी। इनकी मरम्मत का काम प्रारंभ हो चुका है। कुशीनगर में भी नया एयरपोर्ट बन रहा है। आगरा और कानपुर सिविल टर्मिनल के लिए भूमि अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है। अयोध्या में नया हवाई अड्डा बनाने जा रहे है। बेहतर एयर कनेक्टविटी हम इसलिए दे रहे हैं ताकि प्रदेश और यहां के लोगों का विकास हो सके।