IRDA ने ग्रुप इंश्योरेंस प्रॉडक्ट्स के लिए संशोधित नियम जारी किए

 

 

 

इंश्योरेंस सेक्टर में मार्केट शेयर बढ़ाने की होड़ में अजब तरीके तरीकों पर लगाम लगाने को लेकर बीमा नियामक सख्त हो गया है। इंश्योरेंस रेगुलेटरी डिवेलपमेंट अथॉरिटी ने ग्रुप इंश्योरेंस प्रॉडक्ट्स के लिए संशोधित नियम जारी किए हैं। इस सेगमेंट में कई कंपनियां बड़ा मार्केट शेयर हथियाने के लिए कम दाम में प्रॉडक्ट ऑफर करने समेत कई ऐसे तरीके अपना रही थीं, जिनसे भविष्य में उन्हें नुकसान हो सकता है।

रेगुलेटर ने कहा है कि ग्रुप इंश्योरेंस स्कीमों को प्रीमियम कलेक्शन, इंश्योरेंस जारी करने का सर्टिफिकेट और खर्चों के रिइंबर्समेंट को दिखाना चाहिए। इरडा का कहना है कि ग्रुप सेविंग स्कीम के तहत घोषित इंटरेस्ट रेट इस तरह से होना चाहिए ताकि उसी फंड साइज के दूसरे पॉलिसीहोल्डर्स से कोई भेदभाव न हो। जिन मामलों में ग्रुप पॉलिसीहोल्डर के पास एक से ज्यादा इंश्योरेंस कंपनियों के पेंशन फंड हैं, उनमें ग्रुप पॉलिसीहोल्डर के पास अवेलेबल ऐन्युइटी खरीदने के लिए किसी भी इंश्योरेंस कंपनी को चुनने का विकल्प होना चाहिए।

क्या कहता है कानून

कभी कंपनियां ग्रुप ग्रैच्युटी कवर खरीदती हैं और यह कानूनी रूप से जरूरी है। कंपनियां ग्रुप स्कीम के लिए टेंडर जारी करती हैं, जो सालाना आधार पर होता है। कंपनी की देनदारी को कर्मचारियों की सेवा के साल, उम्र, छंटनी और उनकी कुल संख्या के आधार पर तय किया जाता है। इसके बाद कंपनियां सुपर-ऐन्युइटी और ग्रैच्युटी के लिए अलग से फंड रखती हैं।

ग्रुप बिजनस पर भी फोकस

ग्रुप इंश्योरेंस बिजनस में ग्रुप सुपर-ऐनुएशन स्कीम भी शामिल है। यह सेवा की अवधि पूरी कर रिटायर होने वाले कर्मचारियों के लिए पेंशन स्कीम है। इंश्योरेंस कंपनियां फीस लेकर इस फंड को मैनेज करती हैं। कुछ इंश्योरेंस कंपनियां ग्रुप बिजनस पर फोकस करती हैं, जहां उनके पास निवेश किए गए ग्रैच्युटी फंड्स पर ज्यादा रिटर्न मिलता है।

कैंसलेशन पर सरेंडर चार्ज भी लगेगा
ग्रुप सेविंग प्रॉडक्ट्स पर कैंसल कराने पर अब सरेंडर चार्ज भी देना होगा। पॉलिसी तीन साल में कैंसल कराने पर फंड की कुल वैल्यू का 0.05% या अधिकतम 5 लाख रुपये देने होंगे। ग्रुप पॉलिसी को सरेंडर करने पर पॉलिसी के तहत कवर प्रत्येक सदस्य को इसे व्यक्तिगत पॉलिसी के रूप में जारी रखने का विकल्प दिया जाना चाहिए।

तय किए गए फायदे
इंडिया फर्स्टलाइफ इंश्योरेंस के CEO और MD आर एम विशाखा ने बताया, 'ग्रुप इंश्योरेंस स्कीमों में हरेक सदस्य के लिए दर तय करना छोड़ दिया गया था, लेकिन अब हमें सभी की व्यक्तिगत प्रोफाइल बनानी होगी।' रेगुलेटर ने बताया, 'ग्रुप सेविंग से नहीं जुड़े जिन पेंशन प्रॉडक्ट्स में कंपनी ने सब्क्राइबर्स को दिए जाने वाले फायदों को तय कर दिया है, उनमें बीमा कंपनी के पास मौजूद पूरे पेंशन फंड पर एक सुनिश्चित लाभ और प्रत्येक सदस्य की मृत्यु पर एक सुनिश्चित लाभ होगा। इन प्रॉडक्ट्स में स्कीम में व्यक्तिगत सदस्यों के खातों की जगह सिर्फ एक पेंशन फंड होता है।'