किसी घोषणा के बिना ट्रंप पहुंचे अफगानिस्तान, बोले- तालिबान के साथ वार्ता फिर से


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने थैंक्सगिविंग के मौके पर अचानक अफगानिस्तान पहुंचकर तालिबान के साथ एक बार फिर शांति वार्ता शुरू करने का ऐलान किया, लेकिन अपने सैनिकों को वहां से वापस बुलाने की कोई समयसीमा देने से मना कर दिया।


 

बगराम एयर फील्ड में गुरुवार को पत्रकारों के तालिबान से दोबारा बातचीत शुरू करने के सवाल पर कहा ट्रंप ने कहा- हां। राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका ने पिछले छह महीने में काफी प्रगति की है और उसके साथ ही अपने सैनिक भी वापस बुला रहा है।

उन्होंने कहा कि तालिबान समझौता करना चाहता है और हम उनसे मिलने वाले हैं। जब हम संघर्ष विराम चाहते थे, वे संघर्ष विराम नहीं चाहते थे और अब वे संघर्ष विराम चाहते हैं। मुझे लगता है कि ऐसे यह सफल हो पाएगा।

अफगानिस्तान में अमेरिका के सबसे बड़े हवाई क्षेत्र में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ जल्दबाजी में आयोजित द्विपक्षीय बैठक के दौरान उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि हम तब तक वहां रहेंगे जब तक की कोई समझौता नहीं हो जाता या हमारी पूरी तरह जीत नहीं हो जाती और वे समझौता करने को उत्सुक हैं।

ट्रंप ने इस बात की पुष्टि की कि वह अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की संख्या घटाकर 8,600 करना चाहते हैं। अभी वहां 14000 अमेरिकी सैनिक हैं, हालांकि सैन्य अधिकारियों ने इस आंकड़े की पुष्टि नहीं की है।