राम जन्मभूमि आंदोलन में सिंघल और आडवाणी का योगदान सराहनीय


अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आने के बाद राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े प्रमुख हिंदू नेताओं ने विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के दिवंगत नेता अशोक सिंघल और भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी के योगदान की सराहना की।


इस आंदोलन को गति देने वाले प्रमुख नेताओं में से एक भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया और कहा कि सभी समुदायों को इसे 'खुले दिमाग' से स्वीकार करना चाहिए। 

वहीं, पार्टी की नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि फैसला आने के बाद उन्होंने आडवाणी से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। साथ ही आंदोलन की अगुवाई करने के लिए सिंघल की प्रशंसा की। भारती ने कहा, 'आडवाणी ने राष्ट्रवाद के मुद्दे पर सांप्रदायिक उद्देश्यों को बदल दिया और दिखाया कि यह देश को भी बदल सकता है।' 

इस आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाली भारती ने कहा कि आडवाणी की मंदिर भक्ति भाजपा की सफलता के मूल में है और एक बार यह फिर सत्ता में आएगी। 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में आडवाणी, भारती और जोशी पर अब भी मुकदमा चल रहा है।

रामराज्य की ओर बढ़ सकता है देश


आरएसएस के पूर्व प्रचारक केएन गोविंदाचार्य ने फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि देश 'राम मंदिर से रामराज्य' की ओर बढ़ सकता है। यह पूछे जाने पर कि वह भगवान राम की जन्मभूमि माने जाने वाले राम मंदिर निर्माण के आंदोलन की सफलता का श्रेय किसे देंगे, इस पर उन्होंने कहा, 'इसके लिए लाखों कार्यकर्ताओं ने बलिदान दिया। आंदोलन के नेतृत्व के लिए मैं अशोक सिंघल और लालकृष्ण आडवाणी को सबसे ज्यादा श्रेय दूंगा।'