स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर 15 करोड़ रुपये की ठगी


स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर 15 करोड़ रुपये की ठगी कर लिए जाने का मामला रेंज साइबर सेल के पास आया है। जांच में पता चला है कि शातिर ठगों ने नोएडा में कंप्यूटर फर्म खोलकर मिशन का ठेका देने के नाम पर यह रकम जमा की है। 


 

ठेका लेने वालों से 100 रुपये के स्टांप पेपर पर अनुबंध किया गया है कि मिशन के तहत शौचालयों के फोटो कराकर भेजने का ठेका दिया जाता है। बदले में प्रत्येक फोटो के 118 रुपये दिए जाएंगे। जांच में पता चला कि इस फर्म का न तो सरकार से कुछ लेनादेना है और न ही यह मिशन से जुड़ी है।

आगरा में इस ठगी का शिकार होने वाले लोगों में एडीए हाइट्स निवासी पवन धाकरे भी शामिल हैं। वो सरकारी इमारत बनाने के ठेके लेते हैं। उन्होंने ही आईजी रेंज ए सतीश गणेश से इस ठगी की शिकायत की। 



सोशल मीडिया पर करते हैं प्रचार


पवन ने बताया कि फर्म इलेक्टॉनिक्स के काम के लिए कानपुर से पंजीकृत है। इसका दफ्तर नोएडा में है। वहां 10 कम्प्यूटर लगे हैं। एक सर्वर लगा रखा है जिस पर फोटो अपलोड किए जा सकते हैं। 

ये लोग स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठेके देने का प्रचार सोशल मीडिया पर करते हैं। वो सितंबर में नोएडा में कंपनी की निदेशक पूनम गुप्ता, प्रबंधक अभिषेक और प्रोजेक्ट इंचार्ज अंकित त्रिपाठी से मिले।

उन्हें बताया गया कि एक जिले में काम करने की सिक्योरिटी मनी 3.5 लाख रुपये है। उन्होंने मथुरा और हाथरस के लिए कहा। इसके लिए सात लाख रुपये जमा करा दिए। अक्तूबर में उन्हें 10 टेबलेट दे दिए गए। कुछ दिन बाद कहा कि आप अपने लोगों की ट्रेनिंग करा लें।
 
उन्होंने नोएडा बुलाकर एक ही दिन में 20 युवकों की ट्रेनिंग पूरी कर दी। पवन ने पूनम से पूछा, फोटो कब से भेजने हैं। जवाब मिला, अभी सरकार से ऑर्डर नहीं आया। एक महीने इंतजार के बाद पवन ने शिकायत की।



'सरकार से कुछ लेना देना नहीं'


आगरा रेंज साइबर सेल के प्रभारी शैलेंद्र ने बताया कि फर्म को नोटिस जारी कर पूछा गया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत फोटो खींचने का ठेका कब और किस विभाग से मिला? पवन से सात लाख रुपये किस आधार पर लिया? 

जवाब मिला, हमारी फर्म सरकार से नहीं जुड़ी है, न ही स्वच्छ भारत मिशन से कोई मतलब है, हम तो पीएम नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर खुद ही यह काम कर रहे हैं। पवन की रकम के बारे में जवाब आया, उन्होंने तो हमें चंदा दिया है।

इधर, खाते में रकम आई, उधर निकली

आगरा रेंज साइबर सेल ने फर्म के खाते मालूम कर इनकी डिटेल निकलवाई। लगभग 15 करोड़ रुपया छह महीने में जमा हुआ। जैसे ही कोई तीन-चार लाख रुपये जमा कराता, वैसे ही पैसा निकाल लिया जाता। पुलिस का कहना है कि साइबर ठग ऐसे ही करते हैं।

साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, जल्द कार्रवाई होगी

आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर ठगी की शिकायत आई है। इसकी जांच साइबर सेल कर रही है। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जल्द कार्रवाई होगी।