विश्व स्वास्थ्य संगठन केअध्ययन में सबसे ज्यादा यहां के किशोर हैं आलसी, भारत का 7वां स्थान



 

 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 146 देशों के 16 लाख किशोरों की सक्रियता को लेकर एक अध्ययन किया है। इस अध्यन में हैरान कर देने वाली बात सामने आई है। डब्ल्यूएचओ के रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में सबसे आलसी किशोर दक्षिण कोरिया के हैं, जबकि बांग्लादेश के किशोर शारीरिक रूप से सबसे ज्यादा सक्रिय रहते हैं। सक्रियता के मामले में भारत के किशोर दुनियाभर में 7वें स्थान पर हैं।
 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा 146 देशों में 11 से 17 साल के 16 लाख लड़के-लड़कियों के बीच किए गए अध्यन में पता चला कि द. कोरिया में सिर्फ सात फीसदी किशोर दिनभर में एक घंटे ही शारीरिक गतिविधियां करते हैं। भारत के 73.9 फीसदी किशोर दिनभर में एक घंटे से ज्यादा समय तक शारीरिक रूप से सक्रिय रहते हैं। इस दौरान वे कसरत, योग, साइकिलिंग, रस्सीकूद और खेलकूद की अन्य गतिविधियों में व्यस्त रहते हैं।

स्टडी में यह भी कहा गया है कि बांग्लादेश और भारत में क्रिकेट जैसे खेलों के जरिए फिटनेस को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। शारीरिक सक्रियता के मामले में चौथे स्थान पर रहने वाले अमेरिकी किशोरों को आइसहॉकी, सॉकर, बास्केटबॉल और बेसबाॅल जैसे खेलों में ज्यादा भागीदारी की सलाह दी है।




 



विश्व स्वास्थ्य संगठन के लिए यह स्टडी लैंसेट जर्नल ने की है। मुख्य अध्ययनकर्ता डॉ. रेजिना गुटहोल्ड का कहना है कि 'किशोरों में अगर शारीरिक गतिविधियां कम होती गईं तो भविष्य में कई नई चुनौतियां खड़ी हो जाएंगी। शारीरिक निष्क्रियता के कारण किशोरों का वर्तमान और भविष्य का स्वास्थ्य खतरे में आता जा रहा है। इसके लिए सभी देशों को तत्काल नई नीतियां बनानी होंगी। विशेष रूप से लड़कियों के मामले में। लड़कियों में शारीरिक श्रम को बढ़ाने के लिए नए विकल्प तलाशने होंगे।' 

निष्क्रियता की वजह इंटरनेट प्रेम और आधुनिक जीवन शैली



  • भविष्य में किशोरों की सेहत को लेकर तत्काल नई नीतियां बननी चाहिए

  • कम शारीरिक सक्रिय देश, -  द. कोरिया,  फिलिपींस,  कंबोडिया,  सूडान,  तिमोर,  जांबिया,  ऑस्ट्रेलिया

  • ज्यादा शारीरिक गतिविधियां करने वाले देश - बांग्लादेश, स्लोवाकिया, आयरलैंड, अमेरिका, अल्बानिया, बुल्गारिया, भारत