दुनिया में सिंगल यूज प्लास्टिक से बढ़ रहे प्रदूषण के प्रति जागरूता


दुनिया में सिंगल यूज प्लास्टिक से बढ़ रहे प्रदूषण के प्रति जागरूक करने के लिए केरल के कोझिकोड में प्लास्टिक की बोतलों से दुनिया का पहला मरीन सिमिट्री (समुद्री कब्रिस्तान) बनाया गया है। इस कब्रिस्तान को जिला प्रशासन के 'क्लीन बीच मिशन और बेपोर पोर्ट विभाग' की मदद से जेलीफिश वाटरस्पोर्ट्स द्वारा कोझिकोड के बेयोर तट पर बनाया गया है। सिंगल यूज प्लास्टिक बोतलों से बना यह ढांचा लुप्त हो रही समुद्री प्रजातियों को श्रद्धांजलि देता है। आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने पहले कहा था कि 2 अक्टूबर से सिंगल यूज प्लास्टिक को बैन किया जाएगा, लेकिन बाद में सरकार ने स्पष्ट किया था कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है।


समुद्री जीवों को दी श्रद्धांजलि
यह कब्रिस्तान लुप्त हो रही प्रजातियों को श्रद्धांजलि देने के लिए बनाया गया है। इनमें सीहॉर्स, पैरटफिश, लेदरबैक कछुए, ईगल रेज, सॉफिश, डुगॉन्ग, जेबरा शार्क, हैमरहेड मछली और केरल की स्थानिक मीठे पानी की मछली (मिस) शामिल हैं। 



लोगों को जागरुक करने के लिए बनाए ये स्मारक
कोझीकोड के पोर्ट ऑफिसर कैप्टन अश्विनी प्रताप ने कहा कि यह कब्रिस्तान लोगों को जागरूक करने के लिए बनाया गया है ताकि लोग सिंगल यूज प्लास्टिक को नदियों, समुद्रों और तालाबों में न फैकें। सिंगल यूज प्लास्टिक से जल प्रदूषण बढ़ रहा है जिससे जलीय जीवों की कई प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गई हैं। 



सिंगल यूज प्लास्टिक क्या होता है?
प्लास्टिक की बनी ऐसी चीजें, जिनका हम सिर्फ एक ही बार इस्तेमाल कर सकते हैं या इस्तेमाल कर फेंक देते हैं और जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, वह सिंगल यूज प्लास्टिक कहलाता है। इसका इस्तेमाल चिप्स पैकेट की पैकेजिंग, बोतल, स्ट्रॉ, थर्मोकॉल प्लेट और गिलास बनाने में किया जाता है।



देश में सालाना कितनी खपत?
मिनिस्ट्री ऑफ अर्बन एंड हाउसिंग अफेयर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 1996 में 61 हजार टन प्लास्टिक की सालाना खपत होती थी। यह 2017 में बढ़कर 1.78 करोड़ टन पहुंच गई। गैर-सरकारी संगठन इंडियन पॉल्यूशन कंट्रोल एसोसिएशन (आईपीसीए) के डायरेक्टर आशीष जैन बताते हैं कि देश में जितनी प्लास्टिक की खपत होती है, उसमें सिंगल यूज प्लास्टिक का सिर्फ 4% से 5% हिस्सा ही है, लेकिन इसका वजन हल्का होने की वजह से हमें ये चारों तरफ दिखाई देता है। प्लास्टिक का इस्तेमाल कई जगह होता है। जैसे- टीवी, रिमोट, एसी, रेफ्रिजरेटर, कार, फर्नीचर आदि। चूंकि सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल हम रोज करते हैं, इसलिए इसकी चर्चा ज्यादा होती है और पर्यावरण को ज्यादा नुकसान होता है।