गुवाहाटी में लगातार दूसरे दिन कर्फ्यू में ढील


 

 

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ असम में हालात तनावपूर्ण हैं। संसद में बिल के आने के बाद से ही पूर्वोत्तर समेत असम के अलग-अलग इलाकों में हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था। इस बीच असम के डीजीपी भास्कर ज्योति महंत का कहना है कि राज्य में फिलहाल हालात काबू में हैं और उपद्रवियों से सख्ती से निपटा जाएगा। गुवाहाटी में लगातार दूसरे दिन कर्फ्यू में ढील देने के बाद लोग जरूरी कामकाज के लिए बाहर निकल रहे हैं। वहीं, मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा है कि राज्य के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए वह समर्पित हैं।


इस बीच असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्य के लोगों को भरोसा देते हुए कहा, 'हम देश के सभी नागरिकों असम के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए कटिबद्ध हैं। मैं समाज के सभी वर्गों के लोगों से उन तत्वों को नाकाम करने की अपील करता हूं जो लोगों को नागरिकता संशोधन कानून के बारे में गुमराह करते हुए हिंसा में शामिल हैं। साथ चलते हुए हम असम की विकास यात्रा को जारी रखेंगे।'


डीजीपी महंत बोले- हालात काबू में
असम के डीजीपी बीजे महंत ने शनिवार को कहा कि संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसक घटनाओं के सिलसिले में अब तक 85 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। महंत ने कहा कि हालात काबू में हैं और पुलिस हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।

डीजीपी ने बताया, 'पत्थरबाजी की घटनाओं, वाहनों को आग लगाने और लोगों तथा संपत्ति पर हमलों का विडियो बनाया गया है। हम इनमें शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।' महंत ने कहा कि उपद्रव करने के लिए प्रदर्शनों में शामिल होने वाले असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा, 'हिंसा भड़काने में शामिल पाए गए किसी भी व्यक्ति या संगठन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।'

गुवाहाटी में कर्फ्यू में 9 घंटे की ढील
गुवाहाटी में हालात तेजी से सुधर रहे हैं। शहर में लगातार दूसरे दिन कर्फ्यू में छूट दी गई है। अडिशनल डीजी लॉ ऐंड ऑर्डर जीपी सिंह का कहना है कि गुवाहाटी में रविवार को सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई है। इससे पहले शनिवार को भी सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक के लिए कर्फ्यू से छूट दी गई थी।

इसके साथ ही डिब्रूगढ़ पश्चिम, नहरकटिया, तेनुघाट और जिले के कई अन्य हिस्सों में भी सुबह 7 से शाम 4 बजे तक के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई है। इसके बाद दिसपुर, उजान बाजार, चांदमारी, सिलपुखुरी और जू रोड सहित कई स्थानों पर दुकानों के बाहर लंबी कतारें नजर आईं। ऑटो-रिक्शा और साइकल-रिक्शा सड़कों पर चलते दिखाई दिए।

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस लोगों को इस ढील की जानकारी देने के लिए लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल कर रही है। नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2019 के संसद में पारित होने के बाद शहर और राज्य के अन्य हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन हुए थे।

इंटरनेट पर बैन 16 दिसंबर तक बढ़ा
इस बीच राज्य के 10 जिलों में इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध की मियाद को 48 घंटे के लिए बढ़ाया गया है। राज्य में सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने और शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 16 दिसंबर तक इंटरनेट सेवाएं बंद रखने का ऐलान किया गया है। 10 जिलों में बुधवार को 24 घंटे के लिए इंटरनेट बैन किया गया था और फिर इसे समूचे राज्य में और 48 घंटे के लिए बढ़ा दिया गया, यह प्रतिबंध शनिवार दोपहर को खत्म होना था।