हेमंत सोरेन झारखंड के 11वें मुख्यमंत्री के रूप में ताजपोशी आज

 

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता हेमंत सोरेन झारखंड के 11वें मुख्यमंत्री के रूप में आज दोपहर दो बजे मोरहाबादी मैदान में शपथ लेंगे। सोरेन ने इस आयोजन को नए झारखंड के युग का 'संकल्प दिवस' बताया है।
 

समारोह के दौरान सोरेन को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगी। जबकि इस खास मौके पर देश के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी मौजूद रहेंगे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के इस समारोह में शामिल होने पर संशय बना हुआ है।

कांग्रेस के दो विधायक लेंगे मंत्री पद की शपथ
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव और कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम भी मंत्री पद की शपथ लेंगे। दोनों को कांग्रेस आलाकमान की ओर से संदेश दे दिया गया है। 
 
ये नेता होंगे शामिल
जानकारी के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम, राकांपा प्रमुख शरद पवार, राजद नेता तेजस्वी यादव, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य राष्ट्रीय और क्षेत्रीय नेताओं ने अपनी उपस्थिति को लेकर सहमति दी है।
 
इसके अलावा समारोह में आने को लेकर छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी अपनी सहमति जताई है। इनमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शामिल हैं।

हालांकि इस अवसर पर एचडी कुमारस्वामी, केसी वेणुगोपाल, एन चंद्रबाबू नायडू, हरीश रावत, डीएमके सांसद कनिमोझी, टीआर बालू, शरद यादव और अहमद पटेल के पहुंचने की भी संभावना है।

बता दें कि झामुमो ने कांग्रेस पार्टी और लालू प्रसाद की राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ गठबंधन में विधानसभा चुनाव लड़ा और 81 सदस्यीय सदन में सैंतालीस सीटों के साथ सहज बहुमत हासिल किया। झामुमो ने प्रदेश में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में 30 सीटें जीती हैं, जबकि कांग्रेस और राजद ने क्रमश: 16 और एक सीट हासिल की।



ओवैसी की रैली में नहीं सोरेन के शपथ ग्रहण में जाएंगे मांझी



हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) अध्यक्ष और बिहार के पूर्व सीएम जीतनराम मांझी रविवार को झारखंड में हेमंत सोरेन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। शनिवार को उन्होंने रविवार को किशनगंज में होने वाली एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की रैली में शामिल होने से किनारा कर लिया है। कारण कि मांझी के रैली में जाने के फैसले पर विपक्षी महागठबंधन ने आपत्ति जताई थी।

महागठबंधन ने ओवैसी की पार्टी को भाजपा की बी टीम करार दिया था। मांझी ने शनिवार को कहा कि सोरेन ने फोन कर शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का न्योता दिया। लिहाजा उन्हें आशीर्वाद देने जाऊंगा। इस समारोह का राजनीतिक महत्व होगा क्योंकि इसमें कई मुख्यमंत्रियों और राजनीतिक नेता शामिल होंगे। जहां तक एनआरसी और एनपीआर के विरोध का सवाल है तो मैं वहीं खड़ा हूं, जहां सभी खड़े हैं।