राजस्थान के बूंदी जिले की पुलिस पायल रोहतगी को अहमदाबाद से लेकर सोमवार सुबह बूंदी


अभिनेत्री पायल रोहतगी को बूंदी की स्थानीय कोर्ट ने 24 दिसंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। रविवार को राजस्थान पुलिस ने पायल को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार किया था। सोमवार सुबह पुलिस पायल को बूंदी लेकर पहुंची थी, जहां से उसे एसीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। सोशल मीडिया पर गांधी-नेहरू परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने का आरोप है। वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता ने 10 अक्टूबर को पायल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।


पायल की तरफ से अब मंगलवार को जमानत अर्जी पेश की जाएगी। इससे पहले पायल के अधिवक्ता भूपेंद्र सहाय सक्सेना ने गुरुवार को कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी। इस पर कोर्ट ने शुक्रवार को पुलिस को केस डायरी पेश करने के आदेश दिए थे। शुक्रवार को केस डायरी पेश नहीं हुई तो सोमवार को अग्रिम जमानत पर सुनवाई की तारीख दी गई थी। इस बीच रविवार को पुलिस ने पायल को अहमदाबाद से गिरफ्तार कर लिया था।


इसलिए संकट में पड़ी पायल: 21 सितंबर को पायल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें गांधी-नेहरू परिवार पर अशोभनीय टिप्पणियां की थीं। पायल की ऐसी हरकतों पर पहले भी मुंबई पुलिस उनका अकाउंट ब्लॉक करा चुकी थी।


पायल को दो साल तक की हो सकती है सजा


पायल के खिलाफ आईपीसी की धारा- 504,505 (2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एडवोकेट राजकुमार माथुर व चंद्रशेखर शर्मा के मुताबिक इन धाराओं में 2 साल की सजा या जुर्माना या दोनों भी हो सकते हैं। यह नॉन वेलेबल अपराध है, यानी इन धाराओं में जमानत सीधे थाने में नहीं हो सकती, आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करना पड़ता है।


गिरफ्तारी पर पायल ने कहा था- अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मजाक


पायल ने सबसे पहले ट्विटर पर सूचना दी कि राजस्थान पुलिस ने मोतीलाल नेहरू पर वीडियो बनाने के मामले में उन्हें गिरफ्तार किया है। उन्होंने यह भी कहा था कि वीडियो मैंने गूगल से मिली जानकारी पर बनाया था। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मजाक बन गई है...। पायल ने अपना ट्वीट गृह मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय को भी टैग किया था।



  • 21 सितंबर- फेसबुक पर पायल ने नेहरू-गांधी परिवार की महिलाओं के चरित्र हनन करने वाला वीडियो पोस्ट किया।

  • 2 अक्टूबर- पायल के खिलाफ राजस्थान के बूंदी में युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव चर्मेश शर्मा ने सदर थाने में शिकायत दी।

  • 10 अक्टूबर- सदर पुलिस ने आईटी एक्ट में पायल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।

  • 26 नवंबर- पुलिस ने अहमदाबाद में पायल को अहमदाबाद उनके घर पर नोटिस देकर जवाब मांगा, इससे पहले ईमेल से दो बार नोटिस भेजे, पर जवाब नहीं आया।

  • 11 दिसंबर-पुलिस के नोटिस का पायल रोहतगी ने फिर कोई जवाब नहीं दिया। एक और वीडियो सामने आया जिसमें पायल ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को ट्वीट कर एफआईआर दर्ज कराने वाले चर्मेश शर्मा से बचाने की गुहार लगाई।

  • 12 दिसंबर- पायल के अधिवक्ता ने डीजे कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई। शुक्रवार को सुनवाई नहीं हुई, कोर्ट से 16 दिसंबर की तारीख मुकर्रर की ।

  • 15 दिसंबर-पायल को पुलिस अहमदाबाद में उनके घर से कस्टडी में लेकर बूंदी रवाना।



अनुसंधान में उन पर आरोप प्रमाणित हैं। पुलिस ने 5 बार नोटिस भेजकर पूरा मौका दिया, पर उन्होंने जवाब पेश नहीं किया। सोमवार सुबह टीम उन्हें यहां लेकर पहुंचेगी, उनसे पूछताछ की जाएगी कि उन्होंने ऐसा वीडियो क्यों डाला, उनका क्या मकसद था।