50 लाख साल पुराने कपि प्रजाति के पदचिह्न मध्‍य प्रदेश में मिले


 पुरातत्व के क्षेत्र में वर्षों से काम कर रहे डॉ. प्रद्युम्न भट्ट ने मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के भानपुरा के उत्तर में स्थित पहाड़ी के पत्थरों पर मायोसिन कल्प में (करीब 50 लाख साल पहले) मानव के अस्तित्व में आने से ठीक पूर्व की कपि प्रजाति के प्राणी के पद चिह्न मिलने का दावा किया है। डॉ. भट्ट का कहना है कि मिले साक्ष्यों में कपि पदचिह्न, कपि मानव पदचिह्न, मानव सम प्राणी के पदचिह्न शामिल हैं। अब इस शोध को इंफ्रो इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रॉक आर्ट ऑर्गेनाइजेशन ऑस्ट्रेलिया के विशेषज्ञों के साथ साझा कर अंतिम निर्णय पर पहुंचेंगे।


करीब 15 वर्ष पूर्व तखलीन घाटी में खोजे पाषाण उपकरण


डॉ. भट्ट ने कहा कि भानपुरा क्षेत्र में प्लीस्टोसीन युग में आए हिमयुग के हिमनदों के टर्मिनल मोरेंस के साथ मध्य युगीन पाषाण उपकरण मिले हैं, जो इस परिघटना को प्रमाणित करते हैं। करीब 15 वर्ष पूर्व तखलीन घाटी में खोजे पाषाण उपकरण इसे प्रमाणित कर रहे हैं। भानपुरा अंचल में छह करोड़ वर्ष पूर्व के समुद्री जीवों के जीवाश्म प्राप्त हुए थे। डॉ. भट्ट बताते हैं कि जुरासिक युग के वनस्पति जीवाश्म विलुप्त कडि़यों को जोड़ते हैं। डॉ. भट्ट का मानना है कि होलोसीन युग में 10 हजार साल पहले भानपुरा की वनवीथियों में आज के बुद्घिमान मानव का दबदबा था।


 

 


डॉ. भट्ट शैलचित्रों के संरक्षण के लिए 25 वर्षो से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक समय था, जब 20 हजार साल पुराने शैलचित्रों की धरोहर ने हमें रोमांचित किया था। इसके बाद अंचल में दस से अधिक स्थानों पर पेट्रोग्लिफ्स की खोज हुई है। प्लीस्टोसीन युग के मानव के बौद्घिक संवेगात्मक विकास के चिह्न पेट्रोग्लिफ्स के रूप में सामने आए हैं, जिन्हें विश्व समुदाय ने ढाई लाख वर्ष से ज्यादा पुराना होना मान लिया है।