आरजेडी दिल्ली विधानसभा चुनाव , 5-6 सीटों पर उतारेगी उम्मीदवार


दिल्ली विधानसभा चुनाव में अब दूसरे राज्यों की कई क्षेत्रीय पार्टियां भी किस्मत आजमाने की तैयारी में हैं. वैसे तो दिल्ली का मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस के बीच होने वाला है लेकिन कई क्षेत्रीय दल भी इस चुनाव में किस्मत आजमाइस करने वाले हैं.


उत्तर भारतीयों से सटे हुए इलाके में पहले ही नीतीश कुमार की जेडीयू और रामविलास पासवान की एलजेपी प्रचार में जुट गई है. अब लालू यादव की आरजेडी ने भी ऐलान किया है कि वह दिल्ली का विधानसभा चुनाव लड़ेगी.


सोशल मीडिया पर दी जानकारी


बिहार से हटकर झारखंड में इस बार विधानसभा चुनाव में आरजेडी की एक सीट आई है. अब उसका निशाना दिल्ली में रहने वाले बिहार वासियों के वोट बैंक पर है. आरजेडी प्रवक्ता और सांसद मनोज झा ने खुद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी दी है. पोस्ट में आरजेडी ने ऐलान किया है कि वह दिल्ली की पांच से छह सीटों पर ही उम्मीदवार उतारेगी.


माना जा रहा है कि बुराड़ी और पूर्वी दिल्ली आरजेडी की दिल्ली की पांच से छह सीटों में से हो सकती है. उसी तरह दूसरे क्षेत्रीय दल भी दिल्ली की सभी सीटों पर नहीं बल्कि कुछ चुनिंदा सीटों पर ही उम्मीदवार उतारेंगे. ऐसे में जेडीयू, एलजेपी और आरजेडी उम्मीदवार उतारे जाने से बीजेपी, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस तीनों के ही पूर्वांचली वोट बैंक का नुकसान हो सकता है.


 


नजर पूर्वांचलियों के वोट पर



 


आम आदमी पार्टी को इसका ज्यादा नुकसान हो सकता है क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव में पूर्वांचलियों के सबसे बड़े तबके ने उसे वोट दिया था. इस बार भी आम आदमी पार्टी की नजर पूर्वांचलियों के वोट बैंक पर थी. रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी भी पूर्वांचलियों के वोट बैंक के लिए ताकत लगा रही है.


बुराड़ी के कई इलाकों में एलजेपी के पोस्टर देखे जा सकते हैं. हाल ही में पानी के जिस सैंपल को लेकर विवाद हुआ था उसमें एक सैंपल बुराड़ी से लिया गया था और वह घर रामविलास पासवान की पार्टी के कार्यकर्ता का था.


हालांकि यह साफ नहीं हो पाया है कि जेडीयू और एलजेपी दिल्ली के कितने सीटों पर चुनाव लड़ेगी. वहीं आरजेडी की ओर से ऐलान कर दिया गया है कि वह पांच से छह सीटों पर अपने उम्मीदवार जरूर उतारेगी. आरजेडी ने झारखंड की सभी सीटों पर उम्मीदवार नहीं उतारे थे इसके बावजूद उसे एक सीट पर कामयाबी मिली और वह अब हेमंत सोरेन सरकार में शामिल है.