आतंकी बेटे ने परिवार वालों की घर वापसी की गुहार को भी उसने ठुकरा दिया


साल 2020 के पहले मुठभेड़ में मंगलवार को दक्षिणी कश्मीर के अवंतीपोरा में हिजबुल के आतंकी को सुरक्षा बलों ने मार गिराया। वह कुछ दिन पहले ही आतंकवाद में शामिल हुआ था। सुरक्षा बलों ने उसे समर्पण के लिए काफी मौके दिए। परिवार वालों की घर वापसी की गुहार को भी उसने ठुकरा दिया।




मारे गए आतंकी की शिनाख्त अनंतनाग जिले के बिजबिहाड़ा के शाहिद अहमद के रूप में हुई है। सुरक्षा बलों को सूचना मिली कि अवंतीपोरा के चरसू इलाके के एक मकान में आतंकी छिपे हुए हैं। इसके बाद पूरे मकान की घेराबंदी कर ली गई।




सुरक्षा बलों ने उसे समर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की। कई बार उसे मौका दिया गया। परिवार वालों को भी मौके पर बुलाया गया, लेकिन उसने उनकी बात नहीं सुनी। बताते हैं कि आतंकी ने परिवार वालों को उड़ाने की धमकी तक दी।




इसके बाद भी सुरक्षा बलों ने हार नहीं मानी। उसे समझाने की कोशिशें चलतीं रहीं। इस बीच उसने सुरक्षा बलों पर फायरिंग करते हुए निकल भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने उसे ढेर कर दिया।




उसके पास से हथियार व गोला बारूद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि मारा गया आतंकी हाल में आतंकी संगठन में शामिल हुआ था। उसे हथियार डालने के लिए कई बार कहा गया, लेकिन उसने एक न सुनी।