बीमारियां पास नहीं फटकेंगी पेट दर्द, कब्ज और गैस की समस्या को जड़ से मिटा देंगे ये 5 तरह के मुरब्बे


मुरब्बा भला किसे अच्छा नहीं लगता! यह न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि बहुत ही सेहतमंद भी होता है। फल-सब्जियों से बने मुरब्बों को हम अक्सर मिठाई के तौर पर खाते हैं और दोस्तों-रिश्तेदारों के यहां जाते हैं तो संदेश के रूप में भेंट भी देते हैं। क्या आप जानते हैं कि पोषक तत्वों और एंटीऑक्सिडेंट गुणों से भरपूर ये मुरब्बे हमारे शरीर को एनर्जी देने के साथ-साथ हमारी इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी खूब बढ़ाते हैं। आज हम बात करेंगे यहां पांच खास तरह के मुरब्बों की, जो हमारे शरीर से कई तरह की बीमारियों को दूर रखता है। आइए, जानते हैं इस बारे में विस्तार से:




आंवले का मुरब्बा
आंवला सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसमें विटामिन सी, अमीनो एसिड, लिपिड और तांबा, जस्ता जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं। आंवले के मुरब्बे से सर्दी-जुकाम और कफ में काफी आराम मिलता है। आंवले का मुरब्बा खाने से हड्डियां, दांत, नाखून और बाल मजबूत होते हैं। यह पेट दर्द, एसिडिटी, कब्ज, गैस, उल्टी, सिर दर्द जैसी समस्याओं में भी बहुत फायदेमंद है। इसके अलावा एंटीऑक्सिडेंट गुणों के कारण यह हृदय, लिवर संबंधी बीमारियों की रोकथाम में लाभदायक है।




बढ़ती है याद्दाश्त, दूर होती है हेमोग्लोबिन की कमी
आंवला का मुरब्बा एक तरह का रासायनिक टॉनिक है। इससे बच्चों की याददाश्त और एकाग्रता बढ़ती है। यह गर्भवती महिलाओं में खून की कमी और खून में हेमोग्लोबिन की कमी को दूर करता है। मुरब्बे का सेवन बाल झड़ने, बाल असमय सफेद होने जैसी समस्याओं में भी काफी कारगर है। यह हमारे शरीर में बढ़ती उम्र के साथ पड़ने वाली झुर्रियों को भी यह कम करता है। इसका सेवन हमारी आंखें कमजोर नहीं होने देती है।




गाजर का मुरब्बा
गाजर का मुरब्बा एंटीऑक्सिडेंट तत्वों से भरपूर होता है। इसके नियमित सेवन से हाई ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम रहता है। यह शरीर में आयरन और रक्त की कमी को पूरा करता है। इसके सेवन से शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है। ठंडी तासीर के कारण गाजर का मुरब्बा पेट की जलन, दर्द, भूख न लगने जैसी तकलीफों में भी बहुत काम करता है। यह आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी सहायक है।




सेब का मुरब्बा
सेब का मुरब्बा भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। सुबह खाली पेट इसे खाने से दिल की बीमारियों के खतरे से बचा जा सकता है। सेब का मुरब्बा मानसिक तनाव को भी नियंत्रित रखता है। यह सिरदर्द, तनाव, चिड़चिड़ापन और अनिद्रा दूर करने में कारगर है। उम्र बढ़ने के साथ शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों जैसे चेहरे पर झुर्रियां पड़ना, कमजोरी महसूस होना, बाल झड़ने और उनके असमय सफेद होने जैसी समस्याओं से भी यह दूर रखता है। एनीमिया के रोगियों को भी इसका सेवन करने की सलाह दी जाती है।




कच्चे आम का मुरब्बा
कच्चे आम का मुरब्बा फिनोलिक नामक एंटीऑक्सिडेंट गुण से भरपूर होता है, जो हमारे शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाता है। यह एसिडिटी और अपच जैसी बीमारियों को दूर करता है। कब्ज, दस्त, पेचिश में भी इस मुरब्बे के सेवन से आराम मिलता है। हृदय रोग से दूर रखने के अलावा यह नेत्र रोगों के इलाज में भी सहायता करता है। ये एक तरह का एनर्जी बूस्टर है, जो एनीमिया के रोगी और गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद है।




हरड़ का मुरब्बा
हरड़ का मुरब्बा भूख न लगने, पेट में कीड़े होने और पाचन संबंधी समस्याओं में राहत दिलाता है। इसके साथ ही जठरांत्र रोगों, ट्यूमर, बवासीर, मूत्र विकारों और मूत्राशय की पथरी में हरड़ के मुरब्बे का सेवन काफी फायदेमंद होता है। मुरब्बे को गुड़ के साथ सेवन करने पर गठिया जैसे रोगों में भी आराम मिलता है।