डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए भारतीयों की पहली पसंद बना लिए गोवा , 30 लाख रुपए तक कर देते हैं खर्च


डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए गोवा भारतीयों की पहली पसंद है। 2019 में वेडिंग ट्रेड में काफी बदलाव हुआ। अब शादियों की सारी तैयारी दुल्हन की पसंद के मुताबिक कराई जा रही है। डेस्टिनेशन वेडिंग में 30 लाख रुपए तक खर्च किए जा रहे हैं। ऐसी शादियों में सबसे ज्यादा दिलचस्पी नई पीढ़ी के कामकाजी लोग दिखा रहे हैं। 2019 के डेस्टिनेशन वेडिंग ट्रेंड्स को ओयो की अधिगृहित कंपनी वेडिंग्ज डॉट इन ने जारी किया है। रिपोर्ट 1 जनवरी से 26 दिसंबर 2019 के बीच के आंकड़ों की एनालिसिस के बाद जारी की गई है।


वेडिंग वेन्यू : बीचेज के अलावा हिल स्टेशन और किले पसंद किए गए


रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में मुंबई और दिल्ली में होने वाली शादियों की संख्या अधिकतम थी। लेकिन डेस्टिनेशन वेडिंग लिए समुद्र तट वाली जगहों को चुना गया है। इनमें गोवा सबसे ऊपर था। हिल स्टेशंस पर डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए शिमला, देहरादून और मसूरी सबसे ज्यादा पसंद किए गए। राजशाही ठाठ के साथ शादियां करना लोगों को पसंद आया और इसके लिए उदयपुर और जयपुर के किले लोगों की खास पसंद रहे। ऐसी शादियों में प्री-वेडिंग शूट, कैंडिड और ट्रेडिशनल शॉट फोटोग्राफी को काफी पसंद किया गया।


सजावट : थीम से लेकर स्टेज तक दुल्हन के मुताबिक तैयार हुआ


नए ट्रेंड के मुताबिक, शादियों में छोटी-छोटी बातें दुल्हन ही तय कर रही है। थीम से लेकर स्टेट की डिजाइन तक दुल्हन की पसंद के मुताबिक तैयार किया जा रहा है। डेकोरेशन में पेस्टल रंगों का दबदबा रहा है। भारतीय शादियां 1 हफ्ते तक चलती हैं। इस दौरान अलग-अलग परंपराएं निभाई जाती हैं। इनमें सबसे ज्यादा भारतीयों ने मेहंदी की रस्म को तवज्जो दी। इसके बाद हल्दी की रस्म, संगीत और कॉकटेल पार्टी आयोजित की गईं।


गेस्ट्स : सबसे छोटी शादी में 50 और ग्रैंड वेडिंग में 650 मेहमान आए


 पिछले कुछ सालों में शादियों में मेहमानों की संख्या सीमित की जा रही है। 2019 में भी यह ट्रेंड जारी रहा है। औसतन एक शादी में 250 लोग शामिल हुए। सबसे कम मेहमानों की संख्या वाली शादी में 50 मेहमान शामिल थे। वहीं, सबसे अधिक मेहमानों वाली शादी 650 गेस्ट ने शामिल होकर समारोह में चार चांद लगाए।