दुनिया की सबसे बड़ी रसोई का सम्मान श्री गुरु राम दास जी लंगर को


उत्तर प्रदेश की एक संस्था वर्ल्ड एक्सक्लूसिव अवार्ड ने सचखंड श्री हरमंदिर साहिब परिसर में स्थित श्री गुरु रामदास लंगर को दुनिया की सबसे बड़ी रसोई के सम्मान से नवाजा है। संस्था के अध्यक्ष पंकज मोटवानी ने श्री दरबार साहिब के मैनेजर जसविंदर सिंह दीनपुर को यह सम्मान सौंपा।


 

मोटवानी ने कहा कि श्री हरमंदिर साहिब में प्रति दिन दो लाख से अधिक श्रद्धालु माथा टेकने के लिए आते हैं। दर्शन करने के बाद श्रद्धालु श्री गुरु रामदास लंगर हॉल में लंगर छकते हैं। पंगत में बैठकर एक साथ लंगर छकने की इस परंपरा से दुनिया प्रभावित है। लंगर तैयार करने व वितरण करने से लेकर बर्तन मांजने की पूरी व्यवस्था एक मिसाल है।

उत्तर प्रदेश के बरेली में पंख नाम की संस्था चला रहे मोटवानी ने बताया कि महिला शिक्षा को लेकर एक अभियान चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत स्कूलों में जाकर उन बच्चों को किताबें, कापियां व अन्य सामान बांटा जाता है, जिनके अभिभावक आर्थिक रूप से कमजोर है। पुरस्कार प्राप्त करने के बाद दीनपुर ने कहा कि श्री हरमंदिर साहिब किसी किसी जाति या मजहब का नहीं, बल्कि पूरी मानवता का आध्यात्मिक केंद्र है।

यहां कभी किसी के साथ मतभेद नहीं किया जाता। सचखंड के चार दरवाजे सभी वर्ण के लोगों के लिए खुले हैं। संगत की पंगत में अमीर-गरीब और जात-पात का कोई भी बंधन नहीं है। देश में जब भी कोई कुदरती आपदा आती है तो यहां से लंगर तैयार कर भेजा जाता है। मोटवानी ने बताया कि उनकी संस्था अब तक 150 से अधिक संस्थाओं को सम्मानित कर चुकी है।