एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में चीनी पहलवानों के खेलने से कुश्ती संघ की उड़ी नींद


चीन में फैले जानलेवा कोरोना वायरस ने 18 फरवरी से दिल्ली में होने वाली एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप को लेकर भारतीय कुश्ती संघ की नींद उड़ा रखी है। इसका कारण चीन का चैंपियनशिप में खेलने के लिए हामी भरना है। इस साल की एशियाई चैंपियनशिप में पांच स्वर्ण समेत 16 पदक जीतकर पदक तालिका में दूसरे स्थान पर रहने वाले चीन ने तीनों स्टाइल की कुश्ती में अपनी एंट्री भेजी है। कुश्ती की सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय संस्था युनाइटेड वल्र्ड रेसलिंग (यूडब्लूडब्लू) के नियमों के तहत कुश्ती संघ चीन को खेलने से नहीं रोक सकता है। ऐसे में उसकी ओर से स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय दूतावास को चीनी पहलवानों की जांच के लिए उनका ब्लड टेस्ट कराने के लिए लिखा जा रहा है। कुश्ती संघ का कहना है कि चीनी पहलवानों को ब्लड टेस्ट में खरे उतरे बिना दिल्ली एयरपोर्ट से बाहर नहीं आने दिया जाए।


 

भारतीय कुश्ती संघ के अनुसार उन्हें चैंपियनशिप को लेकर कोरोना वायरस की गंभीरता का अंदाजा है। दूसरे देशों के पहलवानों को चीनी पहलवानों से खेलने में कोई दिक्कत नहीं हो इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखा जा रहा है। कुश्ती संघ का कहना है कि उनकी ओर से किसी भी देश को खेलने से नहीं रोका जा सकता है, लेकिन सुरक्षात्मक कदम जरूर उठाए जा सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय से कहा जाएगा कि जब चीन या फिर चीनी ताईपे के पहलवान चैंपियनशिप में खेलने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर आएं तो उनकी अलग से गहन जांच की जाए। थर्मल स्क्रीनिंग के साथ इन पहलवानों के  ब्लड टेस्ट की जांच भी की जाए। साथ ही चीन स्थित भारतीय दूतावास को भी इस बारे में ठोस कदम उठाने के लिए लिखा जा रहा है। सारे टेस्टों में खरे उतरने के बाद ही इन पहलवानों को चैंपियनशिप में खेलने के लिए भेजा जाए। कुश्ती संघ के सहायक सचिव विनोद तोमर ने स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखे जाने के बारे में पुष्टि की है।

पाकिस्तान को अब तक जारी नहीं हुआ वीजा
कुश्ती संघ के लिए सिर्फ चीन ही नहीं बल्कि पाकिस्तानी टीम भी मुसीबत बन गई है। पाकिस्तान को अब तक वीजा जारी नहीं हुआ है। दो साल पूर्व भी जूनियर एशियाई चैंपियनशिप में भी पाक पहलवानों को वीजा नहीं दिया गया था। कुश्ती संघ का कहना है कि उनकी ओर से सारी कार्यवाही पूरी कर दी गई है। अब गेंद सरकार के पाले में है।