गोरखपुर मेट्रो रूट में किया गया बड़ा बदलाव सीएम योगी के सुझाव पर , लाखों लोगों को दिखेगा फायदा



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुझाव के बाद गोरखपुर में प्रस्तावित मेट्रो रेल के प्रोजेक्ट में कुछ बदलाव कर दिया गया है। अब मेट्रो ट्रेन सूबा बाजार की बजाए मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय तक और दूसरे रूट पर कचहरी की बजाय नौसड़ तक चलेगी। साथ ही प्रोजेक्ट की लागत में करीब 200 करोड़ रुपये की कमी आ गई है।




आज के समय में परिवहन के लिहाज से नौसड़ बस अड्डा काफी महत्वपूर्ण हो गया है। आने वाले समय में यहां से रोजाना हजारों की संख्या में लोगों का आना जाना होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने मेट्रो के दूसरे रूट को कचहरी से बढ़ाकर नौसड़ तक करने का सुझाव दिया था। शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने इस पर मुहर भी लगा दी है।




वहीं इन सब बदलावों की वजह से गोरखपुर मेट्रो पर जो 4900 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान था वह कम होकर 4589 करोड़ रुपये हो गया। एमएमएमयूटी तक मेट्रो रूट कम करने से ही करीब 100 करोड़ रुपये की लागत कम हो गई है। वहीं नौसड़ बस अड्डे तक रूट के विस्तार के लिए राप्ती नदी पर फ्लाइओवर बनाना पड़ेगा। इस पर 80 करोड़ रुपये का खर्च बताया जा रहा है।




2041 तक के लिए प्रस्तावित है मेट्रो
गोरखपुर मेट्रो रेल वर्ष 2041 तक के लिए प्रस्तावित की गई है। तब शहर की जनसंख्या वर्तमान 14 लाख से बढ़कर 23 लाख के आसपास होगी। मेट्रो लाइट रेल ट्रांजिट सिस्टम (एलआरटीएम) पर कार्य करेगी। इसमें तीन बोगियां होंगी। वहीं महेसरा और मुगलहा में डिपो बनने की संभावना है।



-मेट्रो रूट एक
श्याम नगर, बरगदवां, शास्त्री नगर, नथमलपुर, गोरखनाथ मंदिर, हजारीपुर, धर्मशाला, गोरखपुर रेलवे स्टेशन, गोरखपुर यूनिवर्सिटी, मोहद्दीपुर, रामगढ़ताल, एम्स, मालवीय नगर, एमएमएमयूटी

-मेट्रो रूट दो.
गुलरिहा, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, मुगलहां, खजांची बाजार, बशारतपुर, अशोक नगर, विष्णु नगर, असुरन चौक, धर्मशाला, गोलघर, कचहरी चौराहा, नौसड़