हिंदू-मुसलमान को बांटने वालों को न दें वोट दिल्ली के सरकारी स्कूलों में मेगा पीटीएम में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बोले


दिल्ली के सरकारी स्कूलों में आज मेगा पीटीएम का आगाज हुआ जिसका जायजा लेने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया कुछ स्कूलों में पहुंचे। यहां से निकलने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के वोटरों से बड़ी अपील की।


सर्वोदय विद्यालय राउज एवेन्यू का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाताओं को उन लोगों को वोट नहीं देना चाहिए जो 'हिंदू और मुसलमानों के बीच बंटवारा' करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि, 'शिक्षा को राजनीति का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए। वोट उन्हें दें जो अच्छी शिक्षा प्रदान कर रहे हैं न कि उन्हें जो हिंदू और मुसलमान में बंटवारे का काम कर रहे हैं।'

केजरीवाल ने कहा, हिंदू, मुसलमान और इसाई सभी बच्चे दिल्ली सरकार के स्कूल में पढ़ रहे हैं। यह अच्छी राजनीति है। बता दें शनिवार को दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों में मेगा पीटीएम आयोजित किया गया है। इस मामले में विवाद भी हो चुका है।



क्या था पीटीएम पर विवाद



मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन की तरफ से मेगा पीटीएम रद्द करवाने के लिए उपराज्यपाल को लिखे गए पत्र पर सवाल उठाया था। उन्होंने पूछा कि ये लोग पीटीएम क्यों रद्द करवाना चाहते हैं?

इसमें मां बाप को अपने बच्चों की प्रगति पर अध्यापकों से चर्चा करने का मौका मिलता है। अभिभावक पीटीएम का बेसब्री से इंतजार करते हैं। केजरीवाल ने कहा कि पीटीएम समय पर होगी। इसमें वह खुद अभिभावकों का फीडबैक लेने के लिए शामिल होंगे। 

इससे पहले उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मीडिया से पार्टी दफ्तर में बात करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने सरकारी स्कूल में पीटीएम रद्द कराने के लिए उपराज्यपाल को पत्र लिखा है। सिसोदिया ने सवाल किया कि हर्षवर्धन की उपराज्यपाल को पीटीएम रद्द करने के लिए पत्र लिखने की हिम्मत कैसे हुई। 

मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली के शिक्षा सुधार में पीटीएम का बड़ा योगदान रहा है। चार जनवरी को होने वाले पीटीएम के लिए सभी अध्यापकों ने मेहनत की है। छह लाख बच्चों की परीक्षा होनी है।

प्री-बोर्ड के बाद बोर्ड की तैयारी के लिए 45 दिनों में अभिभावकों के साथ मिलकर शिक्षक बच्चों की सफलता का खाका बनाना चाहते हैं, लेकिन हर्षवर्धन इसमें बाधक बन रहे हैं। मनीष सिसोदिया ने चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं होगा। यह दिल्ली के शिक्षा विभाग की पीटीएम है, इसे डॉ. हर्षवर्धन नहीं रुकवा पाएंगे।