इर्द-गिर्द घूमती रही इस अभिनेता की जिंदगी राम के किरदार के


बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अरुण गोविल ने छोटे और बड़े पर्दे पर बहुत काम किया है. लेकिन अपने पूरे करियर में उन्होंने एक धारावाहिक ऐसा किया जिसने उन्हें न सिर्फ छोटे पर्दे पर बल्कि कुछ हद तक रियल लाइफ में भी भगवान की उपमा दिलवा दी. इस धारावाहिक का नाम था रामायण. ये धारावाहिक साल 1987 में प्रसारित होना शुरू हुआ और 1988 तक प्रसारित किया गया.


इसके बाद इसे कई बार अलग-अलग चैनलों पर प्रसारित किया गया. अरुण गोविल ने इस सीरियल में राम की भूमिका निभाई थी और कहना होगा कि उनकी तरह राम के किरदार को अब तक शायद ही कोई निभा पाया है. 12 जनवरी 1958 को उत्तर प्रदेश के मेरठ में जन्मे अरुण ने किरदार को इस हद तक जीवंत कर दिया कि गांव कस्बों में रामायण शुरू होने पर लोग टीवी के आगे चप्पल उतार कर बैठा करते थे.


अरुण जब स्क्रीन पर आते तो लोग हाथ जोड़ लिया करते और इस शो को देखने के लिए उस दौर में बैट्री से लेकर ना जाने किन किन जुगाड़ों का इस्तेमाल किया गया. अरुण ने रामायण के बाद बसेरा, एहसास, मशाल, कारावास, मृत्युंजय और अंतराल जैसे धारावाहिक किए. बड़े पर्दे पर मुकाबला, कानून और ढाल जैसी फिल्मों में काम किया लेकिन राम की छवि उनके जीवन में हमेशा जुड़ी रही.


अरुण ने एक्टिंग के अलावा प्रोडक्शन और निर्देशन का भी काम किया लेकिन 61 साल के अरुण को आज भी उनका वो किरदार करने को कहा जाता है जिसके जरिए उन्हें पहचान मिली. अरुण ने राम के किरदार को इस तरह किया था कि जब वह गांव और कस्बों में जाया करते थे तो लोग उनके पैर छुआ करते थे. हाल ही में अरुण ने एक बार फिर से इस किरदार को किया था.


जब फिर से राम के किरदार में लौटे अरुण गोविल


अरुण गोविल को राम के रूप में देखने के लिए लोग किस कदर उत्साहित रहते हैं इस बात का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि पिछले साल दिल्ली में एक प्ले का आयोजन किया गया जिसमें अरुण गोविल को राम का किरदार करना था. प्ले का न सिर्फ पोस्टर काफी पसंद किया गया बल्कि उनके इस प्ले को देखने के लिए भी बेसिहाब भीड़ पहुंची.