इस साल 14 जनवरी की रात 2.08 बजे सूर्य उत्तरायण


मकर संक्रांति का धार्मिक के साथ ही वैज्ञानिक महत्व भी है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने पर ही मकर संक्रांति योग बनता है। इस बार संशय संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी। आचार्य विजेंद्र प्रसाद ममगांई के मुताबिक इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है।


 

इस साल 14 जनवरी की रात 2.08 बजे सूर्य उत्तरायण होंगे यानी सूर्य अपनी चाल बदलकर धनु से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। मकर संक्रांति का संयोग बनने से सौम्यायन संक्रांति का पुण्यकाल सुबह 7.52 बजे से शाम 4.11 बजे तक रहेगा।

आठ घंटे में उत्तरायण हो रहे सूर्य की पूजा, नदियों में स्नान, देवदर्शन व दानपुण्य से विशेष फल की प्राप्ति होगी। संक्रांति की अवस्था तरुण होने की वजह से युवाओं में उत्साह रहेगा। साथ ही रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। 


दान दक्षिणा का विशेष महत्व



मान्यता है कि इस दिन किए गए दान पुण्य और अनुष्ठान का अभीष्ट फल मिलता है। सनातन धर्म में मकर संक्रांति को मोक्ष का माध्यम बताया गया है। ऐसा भी कहा जाता है कि इसी तिथि पर भीष्म पितामह को मोक्ष मिला था। इसके साथ ही सूर्य दक्षिणायण से उत्तरायण होने शुरू हो जाते हैं, जिसके चलते खरमास समाप्त हो जाता है।

प्रयाग में कल्पवास भी मकर संक्रांति से शुरू होता है। इस दिन को सुख और समृद्धि का दिन माना जाता है। गंगा स्नान को मोक्ष का रास्ता माना जाता है। इसी कारण लोग इस तिथि पर गंगा स्नान के साथ दान करते हैं। मान्यता है कि सूर्य देव जब मकर राशि में आते हैं, तो शनि की प्रिय वस्तुओं के दान से भक्तों पर सूर्य की कृपा बरसती है। इस कारण मकर संक्रांति के दिन तिल निर्मित वस्तुओं का दान शनिदेव की विशेष कृपा को घर परिवार में लाता है।


संक्रांति का राशियों पर प्रभाव 



मेष : ज्ञान में बढ़ोतरी  
वृष : लाभ के साथ घर में कलह 
मिथुन : शुभ फल की प्राप्ति
कर्क : सुख संतोष 
सिंह : धन लाभ 
कन्या : शारीरिक कष्ट 
तुला : व्यापार में लाभ 
वृश्चिक : ईस्ट सिद्धि व संतोष
धनु : सम्मान प्राप्ति 
मकर : तनाव, यात्रा 
कुंभ : धन लाभ व सुख 
मीन : असंतोष


मकर संक्रांति पर होगा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन 



हरिद्वार में पहाड़ी महासभा की ओर से मकर संक्रांति के मौके पर 14 जनवरी को भल्ला कॉलेज स्पोर्टस स्टेडियम में उत्तरायणी महापर्व पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज की नई पीढ़ी उत्तराखंड की सभ्यता और संस्कृति से अवगत कराना है। इस अवसर पर मेधावी खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा। 

रविवार को प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता के दौरान पहाड़ी महासभा के अध्यक्ष दिनेश जोशी ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘चैत की चैत्वाली फेम‘ लोक गायक अमित सागर होंगे। कार्यक्रम में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक , मेयर अनिता शर्मा, पूर्व पालिकाध्यक्ष  सतपाल ब्रह्मचारी, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, आईजी संजय गुंज्याल, आयुर्वेद विवि के कुलपति डा.सुनील जोशी, गुरूकुल कांगड़ी विवि के कुलसचिव प्रो.दिनेश भट्ट आदि विशिष्ट अतिथि होंगे।

कार्यक्रम में उत्तराखंड की लोक संस्कृति पर आधारित लोक नृत्य और रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। साथ कार्यक्रम में आने वाले लोग उत्तराखंड के व्यंजनों का लुत्फ भी उठा पाएंगे। उन्होंने बताया कार्यक्रम पूरी तरह उत्तराखंड की संस्कृति, भाषा, आध्यात्मिकता और परंपराओं पर आधारित होगा। इस दौरान महासभा के महामंत्री भुवनेश पाठक, तरुण व्यास, सांस्कृतिक सचिव, त्रिलोक चंद्र भट्ट, पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार, पूर्व महामंत्री दीपक पांडे, ललितेंद्र नाथ, दीपक नौटियाल, मनोज रावत, मीडिया प्रभारी दीपक जखमोला आदि भी मौजूद रहे।

मकर संक्रांति पर होगा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन 



हरिद्वार में पहाड़ी महासभा की ओर से मकर संक्रांति के मौके पर 14 जनवरी को भल्ला कॉलेज स्पोर्टस स्टेडियम में उत्तरायणी महापर्व पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज की नई पीढ़ी उत्तराखंड की सभ्यता और संस्कृति से अवगत कराना है। इस अवसर पर मेधावी खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा। 

रविवार को प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता के दौरान पहाड़ी महासभा के अध्यक्ष दिनेश जोशी ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘चैत की चैत्वाली फेम‘ लोक गायक अमित सागर होंगे। कार्यक्रम में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक , मेयर अनिता शर्मा, पूर्व पालिकाध्यक्ष  सतपाल ब्रह्मचारी, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, आईजी संजय गुंज्याल, आयुर्वेद विवि के कुलपति डा.सुनील जोशी, गुरूकुल कांगड़ी विवि के कुलसचिव प्रो.दिनेश भट्ट आदि विशिष्ट अतिथि होंगे।

कार्यक्रम में उत्तराखंड की लोक संस्कृति पर आधारित लोक नृत्य और रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। साथ कार्यक्रम में आने वाले लोग उत्तराखंड के व्यंजनों का लुत्फ भी उठा पाएंगे। उन्होंने बताया कार्यक्रम पूरी तरह उत्तराखंड की संस्कृति, भाषा, आध्यात्मिकता और परंपराओं पर आधारित होगा। इस दौरान महासभा के महामंत्री भुवनेश पाठक, तरुण व्यास, सांस्कृतिक सचिव, त्रिलोक चंद्र भट्ट, पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार, पूर्व महामंत्री दीपक पांडे, ललितेंद्र नाथ, दीपक नौटियाल, मनोज रावत, मीडिया प्रभारी दीपक जखमोला आदि भी मौजूद रहे।