केजरीवाल को हाई कोर्ट की हिदायत, चुनाव में टारगेट कर बयान देने से बचें


दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 की तारीख तय हो चुकी है. ऐसे में आम आदमी पार्टी से लेकर बीजेपी और कांग्रेस सभी अपनी चुनावी सभा करने में व्यस्त हो गए हैं. कई बार चुनावी सभा में बड़बोलेपन में नेता कुछ ऐसा बोल देते हैं, जो कानूनी रूप से भी गलत होता है. कुछ ऐसा ही 2017 में गोवा विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल कर बैठे थे.


ऐसे में दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को नसीहत दी है कि जिस तरह उन्होंने 2017 में गोवा विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कहा, उस तरह की टिप्पणी दिल्ली चुनाव के दौरान करने से बचें. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस तरह की बयानबाजी उचित नहीं है.


केजरीवाल ने क्या कहा था?


2017 गोवा विधानसभा चुनाव के दौरान रैली में जनता से केजरीवाल ने कहा था कि बीजेपी, कांग्रेस से पैसे ले लो लेकिन वोट आम आदमी पार्टी को ही देना. केजरीवाल की इस टिप्पणी के बाद इस पर चुनाव आयोग ने केजरीवाल को फटकार लगाई थी और एफआईआर दर्ज करने के लिए शिकायत दी थी. इसी के खिलाफ केजरीवाल ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने केजरीवाल से कहा कि वो किसी को टारगेट करने वाली बयानबाजी या टिप्पणी से बचें.


मुकदमा चलाने की मांग


दिल्ली हाइ कोर्ट चुनाव आयोग के 2017 के दो आदेशों को चुनौती देने वाली अरविंद केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई कर रही है. 2017 में चुनाव रैली के दौरान गोवा में दी गई उनकी टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी ने केजरीवाल के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें मतदाताओं को पैसे स्वीकार करने के लिए भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा चलाने की मांग की गई थी. केजरीवाल की इस टिप्पणी पर कांग्रेस ने भी दिल्ली के मुख्यमंत्री के बयान की निंदा की थी.