नागरिकता कानून पर कानपुर हिंसा में 10 प्रदर्शनकारी एफआईआर में नामजद होंगे, तीन की हो चुकी है मौत


 

कानपुर में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बाबूपुरवा में हुई हिंसा में गोली लगने से घायल दस प्रदर्शनकारियों को एसआईटी ने नामजद आरोपी बनाया है। एसआईटी ने जांच के दौरान इन सभी के नाम केस डायरी में दर्ज कर लिए हैं। जल्द ही एफआईआर में भी इन सभी के नाम शामिल कर लिए जाएंगे।



इनमें से चार आरोपियों का अभी हैलट में इलाज चल रहा है जबकि छह आरोपी उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी पा चुके हैं। आरोपियों में तीन नाबालिग हैं। 20 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद बाबूपुरवा में हिंसा भड़क गई थी।



हजारों प्रदर्शनकारियों ने आगजनी, पथराव कर जमकर बवाल किया था। इसी दौरान गोली चल गई थी। 13 प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। इलाज के दौरान तीन प्रदर्शनकारियों मोहम्मद सैफ(23), आफताब आलम (22) और रईस खान(30) की मौत हो गई थी।



दस प्रदर्शनकारियों में से मोहम्मद फैज (नाबालिग), शान मोहम्मद, कामिल, अली मोहम्मद, मोहम्मद अकील व मोहम्मद जमील को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। वहीं, मोहम्मद कासिम, मोहम्मद शादाब(नाबालिग), मोहम्मद फैजान और मोहम्मद आवेश(नाबालिग) का अभी हैलट में इलाज चल रहा है।



डीआईजी अनंत देव ने बताया कि इन सभी दस प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। हिंसा के दौरान इनके घायल होने से यह साफ है कि वह उसमें शामिल थे। आरोपी बनाने के लिए यह साक्ष्य काफी है। बाकी एसआईटी की जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।