पवन जल्लाद अब निर्भया के दोषियों को देगा फांसी


बेटी निर्भया को इंसाफ मिलने के फैसले से पूरा देश खुश हैं। ऐसे में वो इंसान (पवन जल्लाद) भी बेहद खुश है जो निर्भया के दोषियों को फांसी देगा। पवन जल्लाद कोर्ट के इस फैसला का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। तो आइए आज हम आपको पवन जल्लाद के बारे में एक ऐसा सच बताएंगे, जिसे हर कोई नहीं जानता


पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्यारों को फंदे पर लटकाने वाले जल्लाद कल्लू का पोता पवन कुमार ही निर्भया के चारों दोषियों को फांसी देगा। पटियाला हाउस कोर्ट से डेथ वॉरंट जारी होने के बाद तिहाड़ जेल प्रशासन ने इसकी पुष्टि की है।


उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी पवन कुमार का परिवार चार दशक से इस काम से जुड़े हुआ है। पिता मामू अब तक 60 से भी ज्यादा दोषियों को फंदे पर लटका चुके हैं। इनमें पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के हत्यारे सतवंत सिंह और केहर सिंह भी शामिल हैं। इनके अलावा रंगा और बिल्ला को भी मामू ने ही फंदे पर लटकाया था। लेकिन पवन जल्लाद ने अभी तक एक भी दोषी को फांसी नहीं लगाई है। 




 56 वर्षीय पवन कुमार मेरठ के कांशीराम आवासीय कॉलोनी में रहते हैं। इनका असली नाम सिंधी राम है। जिस घर में पवन कुमार रहते हैं, उसमें चारों तरफ भगवान की तस्वीरें लगी हुई हैं। हालांकि पवन कुमार निर्भया के दोषियों को फंदे पर लटकाने को लेकर अपनी तैयारियां कर चुके हैं।





उनका कहना था कि वे बस शासन के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। तिहाड़ जेल प्रशासन का कहना है कि एक पत्र पहले ही पवन कुमार भेजा जा चुका है। अगले एक-दो दिन में नया पत्र भेजा जाएगा, जिसमें फांसी की तारीख और समय का भी उल्लेख होगा।




पवन के परिवार में नौ सदस्य है। बताया गया कि उनके सात बच्चे हैं। जिनमें पांच बेटी और दो बेटे हैं। वह चार बेटियों की शादी कर चुके हैं। अभी एक बेटी और दो बेटों की शादी होनी है।




वहीं पवन का कहना है कि मैंने पिछले साल सरकार से 20 हजार रुपये महीना तनख्वाह देने की मांग की थी लेकिन सरकार ने सिर्फ दो हजार रुपये ही बढ़ाए। अब उन्हें पांच हजार रुपये महीना मिलते हैं।




ये था निर्भिया कांड
गौरतलब है कि दरिंदों ने 16-17 दिसंबर 2012 की रात पैरामेडिकल छात्रा निर्भया से दुष्कर्म कर उसकी नृशंस हत्या कर दी थी। इसके अलावा पीड़िता को चलती बस से फेंक दिया था। इस दौरान पीड़िता को गंभीर चोटें आईं थी। सिंगापुर में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक निर्भया कांड के चारों गुनहगारों मुकेश, पवन, अक्षय और विनय को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। यहां तक कि मंगलवार को कोर्ट ने फांसी देने की तारीख भी (22 जनवरी) तय कर दी है।