समय से पहले कर लेगा पूरा भारत कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्यों को


हम ऐसे युग में प्रवेश कर चुके हैं जब धरती का तापमान लगातार बढ़ रहा है। प्राकृतिक आपदाओं से दुनिया हलकान है और भावी पीढ़ी को बेहतर भविष्य देने की चिंताओं को लेकर हम घुले जा रहे हैं। हालांकि इन सब के बावजूद नया साल, नई उम्मीदों की इबारत जरूर लिखेगा। कार्बन उत्सर्जन में कमी को लेकर दुनिया भारत की पीठ थपथपा चुकी है। कार्बनउत्सर्जन के लक्ष्यों को पाने की होड़ से जहां दुनिया जूझ रही है, वहीं भारत अपने लक्ष्यों को समय से पूर्व ही प्राप्त कर लेगा। भारत में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काफी काम हुआ है और अगले साल में भी यह काम और तेजी से आगे बढ़ेगा।


राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम


दिल्ली सहित देश के कई बड़े शहरों की वायु गुणवत्ता प्रदूषण के कारण खराब होती जा रही है। ऐसे में इस कार्यक्रम के जरिए केंद्र का लक्ष्य 2024 तक पीएम 2.5 और पीएम 10 को 20 से 30 फीसद कम करने का है। इसे 102 शहरों में चलाया जाएगा जिनमें वायु की गुणवत्ता राष्ट्रीय परिवेश से भी बदतर है। सरकार पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पाने के लिए लगातार आगे बढ़ रही है, ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि यह लक्ष्य भी दूर नहीं है।