संगम तक पहुंचे लाखों श्रद्धालु,पौष पूर्णिमा स्नान आज


अव्यवस्था के बीच पौष पूर्णिमा स्नान के लिए बृहस्पतिवार की देर रात तक लाखों की तादाद में श्रद्धालु संगम तट पर पहुंच गए। कल्पवासियों ने भी शिविरों में डेरा डाल दिया। पौष पूर्णिमा स्नान को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं। मेला के पांचों सेक्टर के पंटून पुलों को वन-वे कर दिया गया है। शुक्रवार को पौष पूर्णिमा पर 32 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पुण्य की डुबकी लगाने का अनुमान है। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेला के आगाज पर कल्पवासियों व श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी हैं।


नागवासुकि से अरैल के बीच संगम के 16 घाटों पर श्रद्धालु पौष पूर्णिमा पर पुण्य की डुबकी लगाएंगे। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। दोपहर बाद से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मेला क्षेत्र में बढ़ने लगी। लोग परिजनों के साथ पौष पूर्णिमा स्नान के देर रात तक पहुंचते रहे। खाक चौक, दंडी स्वामीनगर, आचार्यबाड़ा के अलावा जूना अखाड़े की भगवान दत्तात्रेय समिति, गंगा सेना व तीर्थपुरोहितों की ओर से लगाए गए शिविरों में बड़ी तादाद में कल्पवासियों जगह बना ली। ट्रैक्टर-ट्रालियों, अन्य चार पहिया वाहनों से पहुंचे कल्पवासियों को शिविरों में पानी की वजह से काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश की वजह से शिविरों व मेला मार्गों के अलावा अन्य खाली स्थानों पर जल जमाव की के चलते लोगों की नींद उड़ी हुई है।




माघ मेला के इंतजाम एक नजर में 

-32 लाख स्नानार्थियों के डुबकी लगाने का अनुमान
-2500 बीघा क्षेत्रफल में बसाया गया माघ मेला
-05 किमी लंबे स्नान घाटों का किया गया निर्माण
-16 स्नान घाट बनाए गए
-05 पांटून पुल गंगा पर बनाए गए
-05 पांटून पुलों से मेला सेक्टरों में पहुंचेंगे श्रद्धालु
-05 हजार जन शौचालयों की व्यवस्था
-22 सौ सफाई कर्मी स्वच्छता के लिए किए गए तैनात
-300 स्वच्छाग्रही भी मेला क्षेत्र में लगाए गए
-100 किमी चकर्ड प्लेट मार्गों से होकर गुजरेंगे श्रद्धालु
-15 अस्पतालों का मेला क्षेत्र में निर्माण
-147 सीसीटीवी व ड्रोन कैमरों से मेला क्षेत्र की निगरानी 
-04 कंपनी आरएएफ की सुरक्षा की दृष्टि से तैनाती
-09 कंपनी पीएसी लगाई गई 
-20 चार पहिया व 25 दो पहिया डायल -112 के वाहनों से होगी गश्त 
-13000 एईडी की दूधिया रोशनी से जगमग हुआ माघ मेला क्षेत्र



माघ मेला में भ्रष्टाचार के खिलाफ  आंदोलन का एलान 

अखिल भारतीय संयुक्त धर्माचार्य मंच माघ मेले में भ्रष्टाचार के खिलाफ 13 जनवरी से आंदोलन छेड़ेगा। इसके लिए खाक चौक से लेकर साधु-संतों के अन्य शिविरों तक संपर्क किया जा रहा है। भूमि व सुविधाएं न मिलने से आहत साधु-संतों का आरोप है कि जब से प्रयागराज मेला प्राधिकरण बना है, तब से मेला भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। साधु -संतों को प्रताड़ित किया जा रहा है। अभी तक कभी भी माघ मेला में मूलभूत सुविधाओं की कटौती नहीं की गई थी। लेकिन, इस बार सुविधाओं में कटौती से लोगों में जबरदस्त गुस्सा है। पानी के नल, बिजली कनेक्शन, शौचालय में कटौती की जा रही है। साधु-संतों से कहा जा रहा है कि वह अपने शिविर में एमसीबी लगवाइएं, वर्ना बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। माघ मेला प्रशासन बिजली से होने वाले हादसों की जिम्मेदारी लेना नहीं चाहता है। कुछ प्रभावशाली लोगों को सुविधाएं दी गई हैं, लेकिन साधु-संत माघ मेला कार्यालय पर मारे मारे फिर रहे हैं। संतों, तीर्थ पुरोहितों की नहीं सुनी जा रही है। संतों-पुरोहितों के शिविर के लिए जगह नहीं है, क्योंकि तमाम सरकारी विभागों ने जरूरत से ज्यादा जमीन ले ली है। धर्माचार्य मंच के महामंत्री आचार्य कुशमुनि का कहना है कि वाहन प्रवेश के नाम पर मेला पुलिस संतों, कल्पवासियों और तीर्थ यात्रियों का उत्पीड़न कर रही है। इन अव्यवस्थाओं के विरोध में अखिल भारतीय संयुक्त धर्माचार्य मंच 13 जनवरी से सड़कों पर उतरेगा। 




माघ मेला में अव्यवस्था के खिलाफ विहिप का हल्ला बोल

माघ मेला में व्याप्त अव्यवस्था के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को मेला प्रशासन कार्यालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान विहिप ने यहां नारेबाजी कर जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन मेला प्रशासन के अफसर रविंद्र पाल को दिया।

प्रांत संगठन मंत्री मुकेश कुमार के  नेतृत्व में पहुंचे विहिप पदाधिकारियों ने कहा कि माह भर के माघ मेले में इस बार संत, कल्पवासी एवं तीर्थ यात्री प्रशासनिक अव्यवस्था से खासे परेशान है। मेला क्षेत्र में किसी शिविर की व्यवस्था अब तक पूर्ण नहीं है। संतों के शिविर में बिजली, पानी, शौचालय की व्यवस्था न होने से उन्हें बार-बार मेला प्रशासन के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। मेला क्षेत्र में अलाव की भी व्यवस्था प्रशासन ने नहीं की है। फोन करों तो अफसर उसे रिसीव भी नहीं करते। कहा गया कि संत और श्रद्धालुओं के वाहन उनके शिविर तक पहुंचाने में सुरक्षा कर्मियों द्वारा सहयोग बिना किसी अवरोध के किया जाए। कहा कि अगर 72 घंटे के अंदर संत समाज एवं श्रद्धालुओं की मूलभूत आवश्यकताएं पूरी नहीं हुई तो माघ मेले के पांचों पांटून पुल जाम करने के लिए विहिप नेता बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान काशी प्रांत के धर्माचार्य संपर्क प्रमुख शंकर देव त्रिपाठी, अभिमन्यु शाही, शिवम द्विवेदी, नवीन जायसवाल, अभिषेक पाठक, अमित सिंह, आशीष सिंह, राकेश कुमार पाठक, महेंद्र मौर्य, भूपेंद्र सिंह, रविंद्र गोयल, पंकज त्रिपाठी, दीनानाथ, विनय कुमार आदि मौजूद रहे। 




द्वादश माधव परिक्रमा में गूंजे संकीर्तन 

भगवान द्वादश माधव परिक्रमा यात्रा बृहस्पतिवार को अनंत माधव मंदिर चौफटका से आरंभ हुई। परिक्रमा यात्रा की अगुवाई आध्यात्मिक गुरु स्वामी अशोक महाराज ने की। यात्रा के चौथे दिन सुबह 10 बजे संतों-भक्तों की टोलियां भजन-कीर्तन करते निकलीं। पीठ के महंत राजीव गोस्वामी ने आचार्य अशोक का स्वागत किया। इसके बाद भक्तों की टोली संकीर्तन करते हुए मंदिर में पूजा आरती एवं प्रदक्षिणा करके अगले पड़ाव के लिए प्रस्थान कर गई। ददरी पहुंच कर भगवान गदा माधव की परिक्रमा की गई। इस परिक्रमा यात्रा में स्वामी अवधेश दास, आदित्य पांडेय, विष्णु पांडेय, पूर्णकांत दास, देवानंद महाराज समेत 250 से अधिक संत-भक्त शामिल थे। शुक्रवार को अरैल में भगवान चक्र माधव की परिक्रमा के साथ यह यात्रा पूरी होगी। इसके बाद भंडारा होगा।