सिंध प्रांत में विवाह समारोह से एक हिंदू लड़की के अपहरण मामले में भारत ने पाक उच्चायोग के अधिकारी को किया तलब


भारत ने मंगलवार को पाकिस्तान के सिंध प्रांत में विवाह समारोह से एक हिंदू लड़की के अपहरण मामले में कार्यवाही करते हुए पाकिस्तान उच्चायोग के एक वरिष्ठ अधिकारी को तलब किया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार भारत ने पाकिस्तान सरकार से इस मामले की जांच करने और अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय सहित पाकिस्तानी नागरिकों की रक्षा, सुरक्षा और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए तत्काल कार्रवाही करने के लिए कहा है। 


भारत ने पाकिस्तान से ऐसे घृणित और जघन्य अपराध के दोषियों को शीघ्र न्याय के लिए त्वरित कार्रवाही करते हुए कड़े कदम उठाने को भी कहा है। इस विषय पर एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि ‘भारत ने पाकिस्तान उच्चायोग के एक वरिष्ठ अधिकारी को तलब किया और स्थानीय पुलिस की मदद से सिंध प्रांत के हला शहर में 25 जनवरी को विवाह समारोह से हिंदू अल्पसंख्यक की एक लड़की के अपहरण पर कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कार्यवाही करने को कहा।’ 


मंदिर में तोड़फोड़ मामले में चार नाबालिग गिरफ्तार




पाकिस्तान के सिंध प्रांत में मंदिर में तोड़फोड़ करने के मामले में पुलिस ने चार किशोरों को गिरफ्तार किया है। शनिवार रात कुछ अज्ञात लोगों ने मंदिर पर हमला बोल दिया। मंदिर को नुकसान पहुंचाने और मूर्तियों को क्षतिग्रस्त करने के बाद आरोपी फरार हो गए थे। भारत ने भी मंदिर में तोड़फोड़ की इस घटना को लेकर आपत्ति जताई है। 

पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, 15, 13, 13 और 12 साल की उम्र के चारों लड़कों ने अपना अपराध कबूल कर लिया है। उन्होंने मंदिर से पैसे चुराने के लिए वारदात को अंजाम दिया। छाचरो के रहने वाले चारों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि सिंध प्रांत में थार के छाचरो शहर स्थित माता देवल भिटानी मंदिर में बीते रविवार रात कुछ अज्ञात लोगों ने हमला बोल दिया था।

मंत्री ने लगाया ईशनिंदा का आरोप


इस बीच सिंध के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री हरि राम किशोरी लाल ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ ईशनिंदा का मामला दर्ज करने को कहा है। अल्पसंख्यक विभाग के अनुसार, मंत्री ने पुलिस को घटना की जांच करने और उपद्रवियों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया था।