वो खूबसूरत एक्ट्रेस, जिसने दुनिया को दिया था एक महान आविष्कार



 

एक स्विच ऑन करने भर की देर है, आपका फोन वाई-फाई से कनेक्ट होता है और दुनिया आपकी जेब में होती है। इंटरनेट और वाई-फाई मिलना इन दिनों ऐसा है मानो मृत्युशैया पर पड़े व्यक्ति को ऑक्सीजन मिल गया हो। वाई-फाई की सुविधा इन दिनों कितनी आवश्यक हो गई है इसके बारे में बताने की जरूरत नहीं है। लेकिन आपको यह बताना बेहद जरूरी है कि इसके आविष्कार के पीछे एक महिला का हाथ था, जिन्हें उस दौर में इस महान आविष्कार के लिए उतना सम्मान और उतनी सराहना नहीं मिल पाई, जिसकी वो हकदार थीं।




दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाओं में से एक हॉलीवुड की अदाकारा हेडी लमार का जन्म 9 नवंबर, 1914 को ऑस्ट्रिया के वियना शहर में हुआ था। अपनी बेजोड़ खूबसूरती के लिए मशहूर लमार ने बचपन से ही एक्टिंग शुरू कर दी थी। 1920 के दशक में निर्माता मैक्स रीनहार्डट उन्हें बर्लिन लेकर आए और पेशेवर अदाकारा के तौर पर उनके करियर की शुरुआत हुई। हॉलीवुड में उनकी पहली फिल्म थी अल्जीयर्स (1938)। इस फिल्म के बाद लमार हॉलीवुड की तमाम बड़ी हस्तियों की तरह फेमस हो गईं। 





एक्टिंग करियर में लमार ने ‘आई टेक दिस वुमन’ (1940), ‘कम लाइव विद मी’ (1941), ‘एच एम पल्हाम, एश्क’ (1941) और ‘सेमसन एंड डेलिला’ (1949) जैसी कई लोकप्रिय फिल्में की, जिसके बाद इस क्षेत्र से उनका मन ऊब गया। इसके बाद लमार की दिलचस्पी अप्लाइड साइंस में जगी और उन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में तमाम प्रयोग शुरू किए। हालांकि उस वक्त मीडिया की सुर्खियों में उनकी इस कला को उतनी जगह नहीं दी गई, जितनी उनकी अदाओं को मिली। विज्ञान के प्रति लमार का प्रेम चर्चा में तब आया जब मृत्यु के बाद उनकी जीवनी पर आधारित एक फिल्म बनाई गई। फिल्म का नाम था बॉम्बशेल।

 




विज्ञान के क्षेत्र में लमार के योगदान का सबसे बड़ा लाभ दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अमेरिकी नौसेना ने उठाया था। लमार ने "गुप्त संचार प्रणाली" (secret communication system) का आविष्कार किया था जिसे आज तकनीकी रूप से और मजबूत बनाकर वाई-फाई का रूप दिया गया है। अमेरिकी नौसेना ने लमार की गुप्त संचार प्रणाली की मदद से फ्रीक्वेंसी होपिंग का इस्तेमाल किया। इसके जरिए रेडियो-नियंत्रित मिसाइलों को पानी के भीतर गाइड कर दुश्मनों पर वार किया जाता था। लमार ने अपने मित्र जॉर्ज एंटहिल के साथ मिलकर इसे विकसित किया था। 1942 में लमार ने इस आविष्कार का पेटेंट अपने नाम कराया, लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि लमार ने अपने पहले पति ऑस्ट्रियाई मूल के निर्माता फ्रिट्ज मंडल के कार्यालय में एक मिलती जुलती संचार प्रणाली का स्केच देखा था, जिसके बाद उसने यह आविष्कार किया।




लमार के इसी आविष्कार ने बाद में ब्लूटूथ और वाई-फाई जैसी तकनीक में अहम भूमिका निभाई। उनपर आधारित फिल्म के अनुसार अमेरिकी नौसेना ने आविष्कार का बखूबी इस्तेमाल किया, लेकिन लमार को आविष्कारक का सम्मान देने के बजाय महज एक मनोरंजनकर्ता के रूप में इस्तेमाल किया गया। एक तरफ सेना लमार के आविष्कार की मदद से युद्ध में आगे बढ़ती रही और दूसरी ओर लमार को सैनिकों के मनोरंजन के लिए प्रयोग किया जाता रहा। लमार की मृत्यु से पहले तक उनके इस अभूतपूर्व योगदान के लिए उन्हें उचित सम्मान नहीं दिया गया। 




गुप्त संचार प्रणाली के रूप में दुनिया के हाथ में खुला आसमान थमाकर हेडी लमार 19 जनवरी 2000 को मिट्टी में विलीन हो गईं। लमार की मृत्यु 85 साल की उम्र में फ्लोरिडा में हुई थी। मृत्यु के बाद जब लमार के बारे में तमाम खबरें छपने लगीं, तब धीरे धीरे यह बात सामने आई कि उन्होंने अलविदा कहने से पहले हमारे हाथों में पूरी दुनिया थमा दी है।