यूपी कैबिनेट ने दी प्रस्ताव को मंजूरी,यूपी में अब कमिश्नर सिस्टम होगा लागू


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में हुई कैबिनेट की बैठक में लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। 


 

लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में अब पुलिस कमिश्नर होंगे। एसएन साबत लखनऊ के पहले पुलिस कमिश्नर हो सकते हैं। वहीं,  गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर की रेस में आलोक कुमार और प्रशांत कुमार हैं। 

इसके अलावा बैठक में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना की जगह मुख्यमंत्री कृषक  दुर्घटनाकल्याण योजना शुरू करने व घाघरा का नाम बदलकर सरयू नदी करने सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दे सकती है।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना पिछले वर्ष ही खत्म हो चुकी है। नई योजना पिछली योजना खत्म होने के समय से ही लागू करने की तैयारी है। इससे दोनों योजनाओं के बीच की अवधि के पीड़ित परिवारों को नई योजना का लाभ मिल सकेगा। 


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में हुई कैबिनेट की बैठक में लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। 


 

लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में अब पुलिस कमिश्नर होंगे। एसएन साबत लखनऊ के पहले पुलिस कमिश्नर हो सकते हैं। वहीं,  गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर की रेस में आलोक कुमार और प्रशांत कुमार हैं। 

इसके अलावा बैठक में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना की जगह मुख्यमंत्री कृषक  दुर्घटनाकल्याण योजना शुरू करने व घाघरा का नाम बदलकर सरयू नदी करने सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दे सकती है।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना पिछले वर्ष ही खत्म हो चुकी है। नई योजना पिछली योजना खत्म होने के समय से ही लागू करने की तैयारी है। इससे दोनों योजनाओं के बीच की अवधि के पीड़ित परिवारों को नई योजना का लाभ मिल सकेगा। 


इन प्रस्तावों पर भी विचार संभव




  • गोरखपुर में सोनौली-नौतनवां-देवरिया-बलिया मार्ग के चैनेज-98.975 से चैनेज-125 तक (गोरखपुर शहर से देवरिया बार्डर तक )26.025 किमी. लंबे मार्ग के  चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य के पुनरीक्षित एस्टीमेट की प्रशासकीय व वित्तीय स्वीकृति।

  • बरेली जिले के विधानसभा क्षेत्र बरेली में बस स्टेशन के निर्माण केलिए मिनी बाईपास पर केंद्रीय कारागार तथा नगर निगम बरेली की रिक्त भूमि परिवहन विभाग को नि:शुल्क देने की योजना है।

  • प्रयागराज में निर्माणाधीन जिला कारागार को पूरा कराने के लिए पुनरीक्षित एस्टीमेट की स्वीकृति पर विचार।

  • पुलिस विभाग के पूर्व निर्मित कई भवनों को निष्प्रयोज्य घोषित कर ध्वस्तीकरण की अनुमति देने पर विचार।