दूसरी पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर कराई थी रणजीत बच्चन की हत्या


विश्व हिंदू महासभा के अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष रणजीत बच्चन हत्याकांड का खुलासा हो गया है। रणजीत की हत्या उसकी दूसरी पत्नी स्मृति श्रीवास्तव ने अपने प्रेमी देवेंद्र के साथ मिलकर करवाई। देवेंद्र और स्मृति शादी करना चाहते थे जिसमें रणजीत बच्चन बाधा बन रहे थे।


पुलिस कमिश्नर लखनऊ सुजीत पांडेय ने प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वारदात में शामिल स्मृति श्रीवास्तव, देवेंद्र और संजीत गौतम को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि वारदात को अंजाम देने वाला शूटर जीतेंद्र फरार है।

पुलिस कमिश्नर के अनुसार, रणजीत बच्चन की हत्या के लिए स्मृति के प्रेमी देवेंद्र ने उकसाया था। स्मृति की गिरफ्तारी लखनऊ के विकास नगर स्थित उसके आवास से हुई जबकि देवेंद्र को उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया है। रात तक उसे लखनऊ ले आया जाएगा।

संजीत गौतम को मोहनलालगंज के जबरौली से बृहस्पतिवार दोपहर गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि संजीत वही शख्स है जो कार चलाकर शूटर जीतेंद्र को हजरतगंज भाजपा मुख्यालय के पास छोड़ देता है। जहां से जीतेंद्र रणजीत के पीछे ग्लोब पार्क तक जाता है और उसकी हत्या कर देता है। शूटर जीतेंद्र अभी भी फरार है।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि पूछताछ में पता चला कि स्मृति और देवेंद्र शादी करना चाहते थे लेकिन रणजीत स्मृति को तलाक नहीं दे रहे थे। ये मामला 2016 से कोर्ट में लंबित था। जिससे देवेंद्र ने स्मृति के साथ मिलकर रणजीत बच्चन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसमें संजीत गौतम भी शामिल था।



थप्पड़ मारने पर जान से मारने का किया फैसला



लखनऊ पुलिस कमिश्नर के अनुसार, 17 जनवरी को स्मृति और रणजीत की मैरिज एनवर्सरी थी। दोनों लखनऊ के सिकंदरबाग चौराहे पर मिले थे। रणजीत स्मृति को लेकर एनवर्सरी सेलीब्रेट करने के लिए होटल जाना चाहता था पर स्मृति के इंकार पर भड़के रणजीत ने उसे थप्पड़ मार दिया। इसे जानकर, देवेंद्र आग बबृला हो गया और रणजीत को जान से मारने का फैसला कर लिया।




कॉल डिटेल, सीसीटीवी से मिले सुराग



हजरतगंज के ग्लोब पार्क के सामने रविवार सुबह छह बजे रणजीत की गोली मारकर हत्या की गई थी। हमलावर ने उनके साथी आदित्य के हाथ में भी गोली मारी थी, जिससे वह घायल हो गया था। रविवार से अब तक पुलिस की आठ टीमों ने रणजीत के ओसीआर स्थित आवास से ग्लोब पार्क तक 40 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाले।

यहीं नहीं कॉल डिटेल के आधार पर 87 मोबाइल नंबर को ट्रेस किया। जनपथ मार्केट के पास मिले सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से करीबी पर शक गहराने लगा। पुलिस इसे लेकर परिवारीजनों पर भी संदेह कर रही थी। इनसे सख्ती से पूछताछ शुरू हो गई है।