हाईकोर्ट में निर्भया के दरिंदों की फांसी पर रोक के लिए आज सुनवाई


निर्भया के दोषियों की फांसी पर शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा लगाई गई रोके के फैसले को केंद्र व तिहाड़ जेल प्रशासन ने शनिवार को हाईकोर्ट में चुनौती दी। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई आज के लिए तय की। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार की एकल पीठ ने केंद्र और तिहाड़ प्रशासन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की। 


इस बीच अभियोजन पक्ष की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि चारों दोषी एक साथ मिलकर कानून के साथ खेल रहे हैं, ताकि किसी भी तरह उनकी फांसी की सजा टल जाए। उन्होंने दलील दी कि शुक्रवार को पटियाला हाउस कार्ट ने दोषी विनय की याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित होने के चलते शनिवार को दोषियों की फांसी का स्थगित कर दिया। 


उन्होंने दलील दी कि इस आवेदन में ऐसा कोई भी कारण नहीं बताया गया जिसकी न्यायिक जांच की जा सके। उन्होंने कहा कि दोषियों के सभी कानूनी विकल्प समाप्त हो जाने के बावजूद दोषी फांसी की सजा को टलवाने के लिए एक बाद एक अर्जियां दायर कर रहे हैं। उन्होंने कहा अगर ऐसा ही चलता रहा तो यह जघन्य अपराध का मामला दोषियों द्वारा कानून के दुरुपयोग को लेकर इतिहास में दर्ज हो जाएगा और यह मामला कभी समाप्त नहीं होगा।

उन्होंने पीठ से कहा कि शुक्रवार को निचली अदालत ने ये मानते हुए सभी चार दोषियों की फांसी पर रोक लगा दी कि इन्हें अलग- अलग फांसी नहीं दी जा सकती। याचिका में कहा गया है कि ऐसा कोई नियम या कानून नहीं है कि सभी दोषियों को एक साथ ही फांसी दी जा सकती है। ऐसे में अदालत का दोषी विनय शर्मा की दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित होने के चलते सभी दोषियों की फांसी टालने का फैसला सही नहीं है।

अदालत ने अभियोजन की उस दलील को ठुकरा दिया जिसमें विनय को छोड़कर बाकी तीन दोषियों को फांसी देने की मांग की गई थी। याचिका में इस संबंध में दिशा निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है। उनकी दलीलें सुनकर पीठ ने तिहाड़ जेल प्रशासन और चारों दोषियों को नोटिस जारी करके मामले की सुनवाई रविवार को मुकर्रर की। 



तिहाड़ जेल प्रशासन ने पटियाला हाउस कोर्ट में दी स्टेटस रिपोर्ट



शनिवार को दोषी विनय की दया याचिका राष्ट्रपति द्वारा खारिज किए जाने के बाद तिहाड़ जेल प्रशासन ने पटियाला हाउस कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दायर की। तिहाड़ ने कोर्ट को बताया कि विनय की दया याचिका खारिज हो गई है, लेकिन अन्य दोषी अक्षय ने शनिवार को विनय की दया याचिका खारिज होने के बाद अपनी दया याचिका राष्ट्रपति के पास भेज दी, जो अभी लंबित है।  

उल्लेखनीय है कि पटियाला हाउस अदालत ने 17 जनवरी को राष्ट्रपति द्वारा मुकेश की दया याचिका खारिज करने के बाद 22 जनवरी के लिए डेथ वारंट को रद्द कर एक फरवरी की सुबह 6 बजे चारों दोषियों को फांसी देने के लिए नया डेथ वारंट जारी किया था।