कश्मीर में मकबूल भट की बरसी पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध


जेकेएलएफ नेता मकबूल भट की बरसी पर कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए प्रशासन ने आज घाटी में ट्रेन सेवा बंद रखने का फैसला किया है। घाटी में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर धारा 144 लागू की गई है। वहीं मोबाइल इंटरनेट सेवा भी बंद है। ट्रेन सेवा बंद होने पर रेल प्रवक्ता ने कहा कि बनिहाल से बारामुला तक ट्रेनें नहीं चलेंगी।


इसके साथ ही घाटी में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की गई है। मायसूमा व डाउनटाउन में धारा 144 लागू है। गत नौ फरवरी को अफजल गुरु की बरसी पर घाटी में 12 घंटे से अधिक समय तक 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी। आज भी मोबाइल इंटरनेट बंद की गई है।


वहीं सुरक्षाबलों ने नगरोटा में हुए आतंकी हमले के मामले में जैश-ए-मोहम्मद के एक और नेटवर्क ध्वस्त कर दिया गया है। कश्मीर के तीन स्थानों पर छापेमारी कर तीन ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) दबोचे गए हैं। इस मामले में गिरफ्तार मुख्य हैंडलर समीर डार ने डेढ़ महीने पहले जैश के तीन आतंकी इन्हीं ओजीडब्ल्यू के हवाले किए थे।


रविवार देर रात डार की निशानदेही पर पकड़े गए ओजीडब्ल्यू में बड़गाम के सोहेल लोन, पुलवामा के शोएब मंजूर और याहूर अहमद खान शामिल हैं। सोमवार को पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने इन्हें सात दिन की रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया है।
 


नगरोटा में मारे गए आतंकियों को कश्मीर ले जाने वाले डार ने बताया था कि दिसंबर, 2019 में उसने अपने ट्रक में जैश के तीन आतंकियों को सांबा के मानसर-धार रोड से लेकर सीधे पुलवामा पहुंचा था। आतंकी कहां रह रहे हैं, इस बारे में पूछताछ हो रही है।
जानकारी के अनुसार, कश्मीर के पुलवामा, बड़गाम और अन्य क्षेत्रों में नगरोटा हमले के मामले में जल्द ही और छापे मारे जाएंगे। दरअसल, जैश का पुलवामा जिले में सबसे बड़ा नेटवर्क है। संगठन में कश्मीर में सबसे अधिक आतंकी और उनके मददगार इसी जिले से हैं।