कोरोनावायरस का कहर 50 देशों में फैला, 2,800 लोगों की मौत, 82 हजार चपेट में

अब तक पौने तीन हजार लोगों की जान ले चुके और संक्रमितों की संख्या एक लाख पहुंचाने जा रहे कोरोनावायरस दुनिया के 50 देशों में पहुंच चुका है। अमेरिका में कोरोना से निपटने के लिए बनी टॉस्क फोर्स की कमान उपराष्ट्रपति को दी गई है। जानिए पूरी दुनिया में इसका असर...

कोरोनावायरस का कहर दुनिया के 50 देशों तक पहुंच गया है। एशिया और यूरोप के तकरीबन सभी बड़े देशों में इस बीमारी से पीड़ित लोग मिल रहे हैं। बृहस्पतिवार को यूरोप के नए प्रभावित हुए देशों में ब्रिटेन, डेनमार्क और एस्तोनिया के नाम शामिल हो गए। ब्रिटेन, कनाडा और ग्रीस में दो-दो, स्विट्जरलैंड में चार मामले सामने आए हैं। 
 

इस बीच, अमेरिका में कोरोनावायरस संक्रमण से निपटने के लिए बनी टॉस्क फोर्स की कमान उपराष्ट्रपति माइक पेंस को दी गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह जानकारी दी। यहां कोरोना से संक्रमण के 60 मामले आए हैं। दक्षिण कोरिया ने अमेरिका के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास को स्थगित कर दिया है।

इटली में मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। चीन में 29 और की मौत हुई है। बीते कुछ दिनों में चीन में मरने वालों का यह सबसे कम आंकड़ा है। यहां संक्रमण के 78,497 मामले हैं और 2,744 मौतें हो चुकी हैं। अफ्रीकी देशों में अल्जीरिया और मिस्र में एक एक मामला सामने आया है। पूरे विश्व में कोरोना करीब 2800 लोगों को लील चुका है और 82 हजार इससे संक्रमित हैं।


ईरान में 26 लोगों की मौत,उपराष्ट्रपति भी संक्रमित




ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोरोनावायरस से अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं इसके संक्रमण के मामलों में ईरान की उप राष्ट्रपति मसुमेह एब्तेकार भी शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता कियोनुश जहानपुर ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि संक्रमित मामलों की संख्या 245 तक पहुंच गई है जहां एक दिन में सर्वाधिक 106 नए मामले सामने आए हैं। 

ईरानी उपराष्ट्रपति मासूमेह एबेतेकर भी कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए हैं। समाचार एजेंसी स्पूतनिक के मुताबिक इस बीमारी के लक्षण सामने आने पर उनकी जांच करवाई गई थी। बृहस्पतिवार को आई उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

बलूचिस्तान और सिंध में सारे स्कूल बंद






पाकिस्तान में दो लोगों के संक्रमित होने के बाद ऐहतियात के तौर पर सिंध और बलूचिस्तान में सभी शैक्षिक संस्थानों को बंद कर दिया गया है। सिंध के शिक्षा मंत्री सैयद गनी ने कहा, सभी सरकारी और निजी स्कूल दो दिन नहीं खुलेंगे जबकि बलूचिस्तान में स्कूल 15 मार्च के बाद खुलेंगे। 

पाकिस्तान ईरान से लगी सीमा सील कर चुका है। देश में मास्क आपूर्ति में कमी आई है और अस्पतालों में रखी चिकित्सा सामग्री गायब हो गई है। पाक ने ईरान की उड़ानें भी स्थगित कर दी हैं। संक्रमण रोकने के लिए 200 लोगों को अलग-थलग रखा गया है। ये दोनों मामले सिंध और इस्लामाबाद के हैं।

जापान में स्वस्थ हो चुकी महिला दोबारा संक्रमित, सभी स्कूल बंद






जापान में कोरोना से पीड़ित महिला, ठीक होने के बाद दोबारा इससे संक्रमित हो गई है। दोबारा पीड़ित होने का यह पहला मामला है। ओसाका प्रांत सरकार ने बताया कि जनवरी उसका टेस्ट पॉजिटिव आया था और फरवरी में वह ठीक हो गई थी। पर कुछ दिनों पहले उसमें कोरोना के लक्षण दोबारा मिले। 

जापान के पीएम शिंजो आबे ने देश के सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। उन्होंने बताया कि सभी प्राइमरी, हाईस्कूल और दूसरे स्कूल दो मार्च से बंद हो जाएंगे। स्कूलों के मार्च के अंतिम सप्ताह में खुलने की उम्मीद है। जापान में संक्रमित लोगों की तादाद बढ़कर 907 हो गई है।

कोरोना महामारी निर्णायक मोड़ पर : डब्ल्यूएचओ  






विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के प्रमुख टेड्रोस एडहानोम घेब्रेयासस ने कोरोनावायरस पर चिंता जताते हुए कहा, यह महामारी बन गया है और निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। तेजी से देशों में फैल रहा है। प्रभावित देशों को इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत रोकने के कदम उठाने चाहिए। 

घेब्रेयासस ने कहा, चीन में इसके नए मामलों में गिरावट आई है, लेकिन अब यह दुनिया के दूसरे देशों में फैल रहा है। बहुत गंभीर स्थिति है, यह किसी भी देश में फैल सकता है। जिन देशों में अभी शुरू हुआ है उन्हें तेजी से इसे रोकने के प्रयास करने होंगे। लोगों को बीमार पड़ने और इसकी चपेट में आने से बचाना होगा। 

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी देशों को सुनिश्चित करना होगा कि उनके स्वास्थ्य विभाग इस वायरस से निपटने की तैयारी में हैं।

पहले से मौजूद दवाओं ने प्रयोगशाला में रोका कोरोनावायरस






अब तक करीब पौने तीन हजार लोगों की जान ले चुके और संक्रमितों की संख्या एक लाख पहुंचाने जा रहे कोरोनावायरस के शुरुआती इलाज में पहले से प्रमाणित एंटी वायरल दवाओं का उपयोग हो सकता है। इसे लेकर नॉर्वे के विज्ञान एवं तकनीकी विवि ने बृहस्पतिवार को अध्ययन रिपोर्ट जारी की। 

इसके अनुसार टीकोप्लानिन, ओरिटावेंसिन, डालबावांसिन और मोनेसिन जैसे दवाओं ने प्रयोगशाला में कोरोना को रोकने की क्षमता दिखाई है। साथ ही बताया कि फिलहाल इस वायरस का कोई भी वैक्सीन या इलाज नजर नहीं आ रहा है। चिकित्सक केवल सहायक इलाज दे रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि संक्रमित व्यक्ति का शरीर संक्रमण से बाहर आने के लिए लड़ेगा।

फेसबुक पर कोरोना के शर्तिया इलाज का विज्ञापन नहीं चलेगा






फेसबुक कोरोनावायरस के इलाज को लेकर गलत दावे करने वाले विज्ञापनों पर रोक लगाएगी। सोशल मीडिया कंपनी ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह ऐसे विज्ञापनों को हटा रही है जिसमें ऐसे उत्पाद का जिक्र है जो कोरोना के इलाज का दावा कर रहा है और यह भी लिखा है कि इसकी सप्लाई कम है। इसके अलावा ऐसे विज्ञापन भी हटाए जा रहे हैं जिनमें वायरस से बचाव या इलाज की गारंटी दी गई है।