लोकसभा में कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित,राहुल गांधी के बयान पर हंगामा


लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित


लोकसभा की बैठक दोपहर दो बजे पुन: शुरू होने पर संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने कांग्रेस के बर्ताव को अनुचित बताया। इस पर कांग्रेस के सदस्य नारेबाजी करने लगे और हंगामे के बीच पीठासीन सभापति ए राजा ने कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी।



राज्यसभा में बड़े हवाईअड्डों पर उड़ान संबंधी उद्घोषणा शुरू करने की मांग


देश के महानगरों में हवाई अड्डों को शांत घोषित किए जाने के कारण, उड़ान संबंधी उद्घोषणाएं नहीं किए जाने का मुद्दा उठाते हुए राज्यसभा में शुक्रवार को एक सदस्य ने मांग की कि जनहित में ये उद्घोषणाएं की जानी चाहिए। शून्यकाल में अन्नाद्रमुक की विजिला सत्यानंद ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि देश के महानगरों में हवाई अड्डों पर उड़ान संबंधी उद्घोषणाएं नहीं की जातीं क्योंकि बड़े हवाईअड्डों को शांत घोषित कर दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि उद्घोषणाएं नहीं होने की वजह से यात्रियों को उनकी उड़ान के आने जाने का पता ही नहीं चल पाता। जब तक वह सुरक्षा जांच से गुजरने के बाद बोर्डिंग गेट पर पहुंचते हैं, उनकी उड़ान रवाना हो चुकी होती है। ऐसे में यात्रियों को होने वाली परेशानी का अनुमान लगाया नहीं जा सकता।

विजिला ने कहा कि मैं स्वयं इसकी भुक्तभोगी हूं, मेरी उड़ान जा चुकी थी और उद्घोषणा न होने की वजह से मुझे पता नहीं चल पाया। अन्नाद्रमुक सदस्य विजिला ने मांग की कि देश के महानगरों में हवाई अड्डों पर उड़ान संबंधी उद्घोषणाएं की जानी चाहिए ताकि यात्रियों को असुविधा न हो।



बीजेडी ने जलसंकट का मुद्दा शून्यकाल के दौरान उठाया


बीजेडी के सस्मित पात्रा ने ओडिशा में जलसंकट का मुद्दा शून्यकाल के दौरान उठाया। उन्होंने कहा कि पोलावरम परियोजना की वजह से राज्य के किसानों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है क्योंकि उनकी जमीन डूब क्षेत्र में आ रही है। पात्रा ने आरोप लगाया कि महानदी पर छत्तीसगढ़ में चल रही अवैध परियोजनाओं की कीमत ओडिशा के किसान चुका रहे ह



फास्टैग से जुड़ा मुद्दा भी राज्यसभा में उठा


भाजपा के लेफ्टिनेंट जनरल डॉ डी पी वत्स ने फास्टैग से जुड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा में कई वाहन ऐसे हैं जिनके पास फास्टैग हैं और उन्हें पथकर देने में दिक्कत नहीं होती। लेकिन कई वाहनों को अब तक फास्टैग नहीं मिल पाया है।

डॉ वत्स ने कहा कि फास्टैग न मिल पाने की वजह से वाहनों को नगद में पथकर का भुगतान करना होता है और टोल मैनेजर नियमों का हवाला देकर इसकी अनुमति नहीं देते। नतीजा वाहनों की लंबी कतार के रूप में सामने आता है। उन्होंने मांग की कि सरकार को थोड़ा लचीलापन अपनाना चाहिए, खास कर कार्यालय के समय पर।


 

हुसैन दलवई ने महात्मा फुले से जुड़ा मुद्दा उठाया


कांग्रेस के हुसैन दलवई ने महात्मा फुले से जुड़ा मुद्दा उठाया। हालांकि वह शून्यकाल के दौरान बोलने के लिए तय तीन मिनट की समयसीमा की समाप्ति के बाद तथा सभापति एम वेंकैया नायडू के टोकने के बाद भी बोलते रहे। तब सभापति ने कहा कि अब सदस्य को एक सप्ताह तक बोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।



 

हमें संसद में बोलने की अनुमति नहीं: राहुल गांधी की सफाई


राहुल गांधी ने कहा कि वायनाड में मेडिकल कॉलेज का मुद्दा था जिसे मैं सदन में उठाना चाहता था। अगर मैं बोलता तो स्पष्ट रूप से भाजपा इसे पसंद नहीं करती। हमें संसद में बोलने की अनुमति नहीं है। आप वीडियो देखिए मणिकम टैगोर (कांग्रेस सांसद) ने किसी पर हमला नहीं किया, बल्कि उन पर हमला किया गया।



मंत्री जी, आपको डांटने का अधिकार नहीं दिया गया: लोकसभा अध्यक्ष ने सुप्रियो से कहा


लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी पर की गई एक टिप्पणी को लेकर पर्यावरण राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो पर नाराजगी जताई और संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी से उन्हें समझाने को कहा।

निचले सदन में प्रश्नकाल (रिपीट) प्रश्नकाल के दौरान चौधरी ने बजट में पर्यावरण के लिए आवंटन को लेकर सरकार की आलोचना की। इस पर, पर्यावरण से जुड़े एक पूरक प्रश्न का जवाब दे रहे सुप्रियो ने कुछ टिप्पणी की जिस पर बिरला ने नाराजगी जताई।

बिरला ने सुप्रियो से कहा कि मंत्री जी, आपको डांटने का अधिकार नहीं दिया गया है। साथ ही उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी से कहा कि वह सुप्रियो को (संसदीय प्रक्रिया के बारे में) बताएं। चौधरी और सुप्रियो के बीच थोड़ी देर बहस हुई, हालांकि बिरला ने अगला प्रश्न ले लिया।



लोकसभा की कार्यवाही फिर स्थगित


दोपहर एक बजे लोकसभा की बैठक दोबारा शुरू होते ही दोनों पक्षों के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई


गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सभी अस्पताल उतनी ही फीस लें जितनी फीस एम्स में ली जाती है: सपा


हृदय रोग, घुटने के प्रतिरोपण आदि के इलाज में निजी अस्पतालों में होने वाले महंगे खर्च का मुद्दा राज्यसभा में उठाते हुए शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव ने सरकार से यह सुनिश्चित किए जाने की मांग की कि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सभी अस्पताल उतनी ही फीस लें जितनी फीस अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थान (एम्स) में ली जाती है।

शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए यादव ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग हृदय रोग, घुटने की समस्या आदि से पीड़ित होते हैं। गरीबों के लिए इन बीमारियों का इलाज कराना मुश्किल हो जाता है।उन्होंने कहा कि ऐसी बीमारियों के इलाज के सरकार ने खर्च की सीमा तय की थी। लेकिन एम्स को छोड़ कर दूसरे तथा निजी अस्पतालों में भारी फीस ली जाती है।