पाकिस्तान में गेहूं और चीनी के दाम आसमान छू रहे,महंगाई दर पिछले 12 साल का रिकॉर्ड तोड़ा

 

पाकिस्तान में महंगाई दर पिछले 12 साल का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। महंगाई का आलम यह है कि देश में आटा, चीनी और गेहूं के दाम आसमान छू गए हैं और आम आदमी दाने-दाने को मोहताज हो रहा है। पीएम इमरान खान के लिए भी हालात संभालना बहुत आसान नहीं रहा है। हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने ट्वीट किया है कि वे खाद्य पदार्थों के दाम गिराने के लिए जल्द कदम उठाएंगे।
 

पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने इमरान खान के हवाले से लिखा है कि वे लोगों के गुस्से को समझ रहे हैं और मंगलवार को कैबिनेट बैठक में खाद्य वस्तुओं के दाम कम करने के लिए कुछ न कुछ करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी एजेंसियों ने आटे और चीनी की बढ़ती कीमतों की जांच शुरू कर दी है।

इमरान ने कहा है कि जो लोग भी इसके लिए जिम्मेदार होंगे उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी। बता दें कि पाकिस्तान में कराची, हैदराबाद और लाहौर में आटे की कीमत 70 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंचने के कारण एक रोटी के दाम 15 रुपये तक पहुंचे हैं। जबकि चीनी के थोक दाम 80 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। ऐसे में यदि चीनी के निर्यात को जल्द नहीं रोका गया तो इसके थोक दाम 100 रु. से भी ज्यादा हो सकते हैं। उधर, रसोई गैस की कीमत में पांच फीसदी का और इजाफा होने जा रहा है।
 

ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल से बढ़ी खाद्य कीमतें


पाकिस्तान में आटे के संकट की शुरुआत पिछले महीने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत और सिंध से उस समय हुई जब ट्रांसपोर्टर पेट्रोल की कीमतें बढ़ाए जाने का विरोध करते हुए हड़ताल पर चले गए। इससे सिंध में आटे की सप्लाई रुक गई। इसके अलावा कराची तथा पंजाब के बीच आटे को ले जाने पर रोक लगा दिया गया जिससे आटे के दाम बढ़ गए।


पाकिस्तान में महंगाई दर पिछले 12 साल का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। महंगाई का आलम यह है कि देश में आटा, चीनी और गेहूं के दाम आसमान छू गए हैं और आम आदमी दाने-दाने को मोहताज हो रहा है। पीएम इमरान खान के लिए भी हालात संभालना बहुत आसान नहीं रहा है। हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने ट्वीट किया है कि वे खाद्य पदार्थों के दाम गिराने के लिए जल्द कदम उठाएंगे।
 

पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने इमरान खान के हवाले से लिखा है कि वे लोगों के गुस्से को समझ रहे हैं और मंगलवार को कैबिनेट बैठक में खाद्य वस्तुओं के दाम कम करने के लिए कुछ न कुछ करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी एजेंसियों ने आटे और चीनी की बढ़ती कीमतों की जांच शुरू कर दी है।

इमरान ने कहा है कि जो लोग भी इसके लिए जिम्मेदार होंगे उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी। बता दें कि पाकिस्तान में कराची, हैदराबाद और लाहौर में आटे की कीमत 70 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंचने के कारण एक रोटी के दाम 15 रुपये तक पहुंचे हैं। जबकि चीनी के थोक दाम 80 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। ऐसे में यदि चीनी के निर्यात को जल्द नहीं रोका गया तो इसके थोक दाम 100 रु. से भी ज्यादा हो सकते हैं। उधर, रसोई गैस की कीमत में पांच फीसदी का और इजाफा होने जा रहा है।
 

ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल से बढ़ी खाद्य कीमतें


पाकिस्तान में आटे के संकट की शुरुआत पिछले महीने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत और सिंध से उस समय हुई जब ट्रांसपोर्टर पेट्रोल की कीमतें बढ़ाए जाने का विरोध करते हुए हड़ताल पर चले गए। इससे सिंध में आटे की सप्लाई रुक गई। इसके अलावा कराची तथा पंजाब के बीच आटे को ले जाने पर रोक लगा दिया गया जिससे आटे के दाम बढ़ गए।


इमरान ने कड़े कदम उठाए तो लोगों में बढ़ेगा गुस्सा



पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो ने हाल ही में अपनी रिपोर्ट में कहा था कि जनवरी में मुद्रास्फीति दर पिछले वर्ष से बढ़कर 14.6 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो कि दिसंबर-2019 के 12.6 प्रतिशत के मुकाबले दो प्रतिशत अधिक है।

इस तरह देश में मुद्रास्फीति की दर पिछले 12 वर्षो में सबसे ऊंची पहुंच गई है। बढ़ती महंगाई को रोकने के लिए इमरान सरकार को कड़े कदम उठाने होंगे जिससे लोगों में गुस्सा और बढ़ेगा।

देश में बढ़ती कीमतों की वजह से चौतरफा आलोचना झेल रहे, खान ने शनिवार को अपने आर्थिक टीम के सदस्यों को मुख्य खाद्य सामग्रियों की कीमतों को कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।