फर्रूखाबाद के मोहम्मदाबाद में रूबी को पीट पीटकर मारने में शामिल थी 20 गांवों की भीड़


फर्रूखाबाद के मोहम्मदाबाद में बच्चों को घर में बंधक बनाने वाले शातिर सुभाष की पत्नी की पीटकर हत्या करने के मामले में 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इससे ग्रामीण चिंतित हैं। कोई कह रहा है कि 20 गांवों की भीड़ थी, पता नहीं किसने पीटा। वहीं कई ग्रामीण गांव में मौजूद न होने से सफाई देते नजर आए। 


गांव करथिया निवासी शातिर सुभाष बाथम ने 30 जनवरी को गांव के ही 23 बच्चों को घर में बंधक बना लिया था। देर रात पुलिस से मुठभेड़ में सुभाष मारा गया। ग्रामीणों की पिटाई से रूबी की मौत में कोतवाली के दरोगा संजय कुमार ने 300 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।


इससे करथिया निवासी परेशान हैं कि पुलिस उन्हें फंसा न दे। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव को जिले के बाहर कौन जानता था। सुभाष ने बच्चों को बंधक बनाया। हालांकि काम बहुत गलत किया, लेकिन बदनाम ही सही गांव का नाम पूरे देश में फैल गया। मुख्यमंत्री से लेकर गृह मंत्री अमित शाह तक करथिया गांव को जान गए। कोतवाली के इंस्पेक्टर राकेश कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मारपीट में आई चोटों से रूबी की मौत की पुष्टि हुई है। 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।  


खौफ में गांव वाले, बोले न मौके पर थे, न रूबी को पीटा
गांव करथिया निवासी आनंद सिंह चंदेल, मुन्नू सिंह चंदेल, रमेश चंद्र बाथम आदि का कहना है कि घटना के दौरान न तो वह मौके पर थे और न ही सुभाष की पत्नी से मारपीट की। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। भूरे बाथम ने बताया कि वह शादी समारोह में जनपद कन्नौज के विष्णुगढ़ गए थे। भाजपा बूथ अध्यक्ष कुशल पाल सिंह का कहना है कि घटना के दौरान 20 गांव के हजारों लोगों की भीड़ थी। रूबी को किसने पीटा यह तो जांच में ही पता चल सकता है। झब्बू सिंह ने बताया कि दिन में वह सुभाष के दरवाजे पर गए थे, तब उसने फायर कर दिया था। इससे वह बाद में वहां गए ही नहीं।


कांग्रेस के प्रदेश महासचिव आज जाएंगे करथिया
कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष विजय कटियार ने बताया कि सोमवार को वह गांव करथिया जाएंगे। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव योगेश दीक्षित व सचिव कनिष्क पांडेय दोपहर बाद तीन बजे  पहुंचकर बंधक बनाए गए बच्चों व उनके अभिभावकों से मिलेंगे।



तहखाने में लगाया था सिलेंडर बम
पुलिस ने जो सिलेंडर बम सुभाष के घर से बरामद किया था वह बच्चों को उड़ाने के लिए तहखाने में रखा गया था। उसमें बारूद भरी गई थी। लाल तार से सिलेंडर बम के अंदर जोड़कर उसका एक हिस्सा ऊपर कमरे में रखी 12 वोल्ट की बैटरी से जोड़ा गया था। बम में एक डिवाइस भी लगाई गई थी। जो कि रिमोट के लिए लगी थी।