तेजस्वी सूर्या और जावेद अख्तर सीएए-एनआरसी को लेकर भिड़े


भारतीय जनता पार्टी के युवा सांसद तेजस्वी सूर्या इन दिनों अपने एक बयान की वजह से काफी चर्चा में हैं। उन्होंने लोकसभा में बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा करते हुए एनआरसी और सीएए के खिलाफ शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बहुसंख्यक समाज को सतर्क रहने की जरूरत है, नहीं तो मुगल शासन फिर लौट सकता है। तेजस्वी सूर्या के इस बयान पर मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। 


भारतीय जनता पार्टी के युवा सांसद तेजस्वी सूर्या इन दिनों अपने एक बयान की वजह से काफी चर्चा में हैं। उन्होंने लोकसभा में बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा करते हुए एनआरसी और सीएए के खिलाफ शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बहुसंख्यक समाज को सतर्क रहने की जरूरत है, नहीं तो मुगल शासन फिर लौट सकता है। तेजस्वी सूर्या के इस बयान पर मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। 


जावेद अख्तर के इस ट्वीट पर तेजस्वी सूर्या ने कमेंट के जरिए जवाब दिया। उन्होंने लिखा, 'जावेद जी, भगवान ना करे कि अगर मुगल राज वापस आता है तो उदारवादी को सबसे पहले फांसी के फंदे पर चढ़ाया जाएगा, हालांकि आप बच जाएंगे क्योंकि आप उनके धर्म के ही हैं।' गौरतलब है कि वाइकिंग्स एज इतिहास में एक ऐसा दौर रहा है जब कुछ क्रूर बंजारों ने यूरोप और स्केंडिनेविया देशों के कई हिस्सों पर अत्याचार करते हुए अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू की थी।


आपको बता दें कि तेजस्वी सूर्या ने लोकसभा में कहा था कि यदि बहुसंख्यक समुदाय सतर्क नहीं रहा तो मुगल राज दूर नहीं है। उनके इस बयान के बाद विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। तेजस्वी ने मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि पुराने घावों को भरे बिना न्यू इंडिया का निर्माण नहीं हो सकता है। उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून को लेकर कहा कि इससे पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से प्रताड़ित होकर आए अल्पसंख्यकों को नागरिकता दी जाएगी। विपक्ष भी जानता है कि सीएए का यहां किसी से कोई लेनादेना नहीं है, उसके बाद भी विरोध किया जा रहा है जो निराशाजनक है।


हीं बात करें जावेद अख्तर की तो वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिया रहते हैं। वह सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अक्सर अपनी प्रतिक्रिया भी देते रहते हैं। वहीं सीएए-एनआरसी को लेकर जावेद अख्तर सहित अनुराग कश्यप, विशाल भारद्वाज, सुधीर मिश्रा, जोया अख्तर, फरहान अख्तर, तापसी पन्नू, ऋचा चड्ढा, अली फजल, अनुभव सिन्हा जैसे कई सितारे इसके खिलाफ हैं।