यात्रियों को अंतरिक्ष ले जाने वाली पहली निजी कंपनी एलन मस्क की स्पेसएक्स होगी

 

अमेरिका की निजी अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स जल्द ही इतिहास रचने जा रहा है। इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी टेस्ला के सीईओ एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स पहली निजी कंपनी होगी, जो अपने क्रू ड्रैगन यान के जरिये अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन लेकर जाएगी। नासा ने खुद ट्वीट कर यह जानकारी दी है।

 

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अमेरिका की निजी अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स जल्द ही इतिहास रचने जा रहा है। इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी टेस्ला के सीईओ एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स पहली निजी कंपनी होगी, जो अपने क्रू ड्रैगन यान के जरिये अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन लेकर जाएगी। नासा ने खुद ट्वीट कर यह जानकारी दी है।


नासा के इस एलान से विमान कंपनी बोइंग की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर यात्रियों की ले जाने की योजना को करारा झटका लगा है। नासा ने स्पेसएक्स के यान भेजने पर मुहर उस वक्त लगाई, जब पहले अंतरिक्ष यात्री वाले क्रू ड्रैगन कैप्सूल ने अपना परीक्षण पूरा कर लिया था।

जनवरी में फ्लोरिडा स्थित जॉन एफ कैनेडी स्पेस सेंटर पर किए गए परीक्षण में सफल रहे इस मिशन में जानूबझकर खराब रॉकेट से क्रू ड्रैगन को सफलतापूर्वक बचाया गया। इसमें क्रू ड्रैगन को फॉल्कन-9 रॉकेट से लॉन्च किया गया था। करीब 16 किमी की ऊंचाई पर जाने के बाद फॉल्कन-9 रॉकेट के इंजन बंद कर दिए गए थे। इतनी ऊंचाई से गिरने में उसे महज नौ मिनट लगे। क्रू ड्रैगन चार पैराशूट की मदद से अटलांटिक महासागर में उतरा। एजेंसी


तैयारियों में जुटा भारत


हाल में स्पेसएक्स के कई परीक्षण पूरे हुए। इसमें स्पेसएक्स के डेमो-2 अंतरिक्षयात्री के लिए फाल्कन 9 बूस्टर बी1058, एक फॉल्कन ऊपरी चरण, क्रू ड्रैगन कैप्सूल सी 206 और एक क्रू ड्रैगन को ले जाने वाला ट्रंक के परीक्षणों पूरा किया गया। अब यह केप केनवरल से उड़ान भरने की तैयारी कर रहा है।


2050 तक मंगल पर 10 लाख लोगों को ले जाने का लक्ष्य



जनवरी में एलन मस्क ने एलान कर कहा था कि उन्होंने 2050 तक 10 लाख लोगों को मंगल पर भेजने का लक्ष्य बनाया है। उनका रॉकेट लाल ग्रह के लिए हर साल कई मेगाटन कार्गो ले जाएगा, इससे कुछ साल में इंसानों की मौजूदगी के लिए मंगल ग्रह पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। 

बोइंग का स्टारलाइनर परीक्षण में हुआ था फेल


दरअसल, बोइंग को तीन अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर आईएसएस जाना था। बीते दिसंबर में बोइंग को अपने अंतरिक्ष यान का कक्षा में उड़ान का परीक्षण रोकना पड़ा। रॉकेट के साथ द स्टारलाइनर नाम के कैप्सूल को लगाया गया था।

द स्टारलाइनर को अमरीका के फ्लोरिडा से एटलस रॉकेट के साथ सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया था, लेकिन कुछ तकनीकी खामी आने की वजह से यह कैप्सूल स्टेशन के तय रास्ते से भटकने लगा। इससे मिशन को पूरा करने के लिए ईंधन में कमी आ सकती थी।