नहीं बरती सावधानी इटली ने अब भुगत रहे परिणाम

कई राज्यों ने दो और तीन से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है। कई कंपनियों ने कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा है। लोगों को नियमित तौर पर साबुन से 20 सेकेंड के लिए हाथ धोने के लिए कहा जा रहा है। खांसते या छींकते वक्त रूमाल का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।हालांकि अब भी बहुत से लोग इसके प्रति गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। इसी बीच जैसन यानोविट्ज नाम के ट्विटर यूजर ने इस वायरस के छह चरणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। जिसे उन्होंने एक इतावली नागरिक से लिया है। इसके जरिए उन्होंने लोगों से सतर्क रहने का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया की पहले चरण में आपको कोरोना वायरस के बारे में पता होता है और आपके देश में पहला मामला सामने आ चुका होता है।योनो ने लिखा, 'घबराने की जरुरत नहीं है यह केवल एक बुरा फ्लू है। ये मत सोचिए कि मैं 75 वर्ष से ऊपर नहीं हूं तो मुझे क्या हो सकता है, मैं सुरक्षित हूं? आपको मास्क पहनकर जाने और टॉयलेट पेपर लेकर जाने में क्या दिक्कत है? बाकी लोग आराम से अपनी जिंदगी जीते हैं। वह मानते हैं कि इसके बारे में चिंता करने की जरुरत नहीं है।'दूसरे चरण में संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ने लगती है। उन्होंने लिखा, 'एक या दो शहरों को पृथक कर दिया जाता है। जहां पहला मामला सामने आया था और बहुत से लोग संक्रमित हैं। यह परिस्थिति थोड़ी सी चिंताजनक है लेकिन वे (डॉक्टर) इसकी देखभाल कर रहे हैं इसलिए घबराने की जरुरत नहीं है।फिर कुछ लोगों की मौत हो जाती है लेकिन यह सभी बुजुर्ग होते हैं। लोग आराम से जिंदगी जीते हैं। वे अपने दोस्तों से मिलना या बाहर जाना नहीं बंद करते। वे सोचते हैं कि उन्हें कुछ नहीं होने वाला। हर कोई ठीक है।'जैसन ने बताया कि तीसरे चरण में मामले दोगुने तक बढ़ने लगते हैं। उन्होंने लिखा, 'वे अब चार क्षेत्रों को पृथक कर देते हैं जहां से सबसे ज्यादा संख्या में मामले सामने आए हैं। स्कूल और कॉलेजों को बंद कर दिया जाता है लेकिन बार, कार्यस्थल, रेस्टोरेंट खुले रहते हैं। कुछ लोग रेड जोन से भागकर अपने घर आ जाते हैं। उन्हें मामले की गंभीरता का अहसास ही नहीं है।आप जहां भी जाते हैं वहां आपको हाथ धोने की सलाह दी जाती है। बड़ी संख्या में लोगों को इकट्ठा होने से रोका जाता है। हर पांच मिनट बाद टीवी पर आपको यह नियम याद दिलाए जाते हैं। लेकिन अब तक लोगों के दिमाग में ये बातें नहीं बैठती हैं।'ट्विटर यूजर ने बताया कि चौथे चरण में संक्रमित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ने लगती है। लगभग एक महीने के लिए स्कूल और कॉलेजों को बंद कर दिया जाता है। देश में राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दी जाती है। उन्होंने कहा, 'कोरोना वायरस के मरीजों के लिए पूरे अस्पताल को खाली करवा दिया जाता है। अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में डॉक्टर और नर्स नहीं हैं।इसलिए सेवानिवृत्त हो चुके लोगों को बुलाया जाता है। काम करने की कोई शिफ्ट नहीं है। आप जितना काम कर सकते हैं, करें। बेशक डॉक्टर और मरीज संक्रमित हो जाते हैं और वह इसे अपने परिवार में फैला देते हैं। निमोनिया के बहुत सारे केस सामने आते हैं। बहुत से लोगों को आईसीयू में रखने की जरुरत पड़ती है। ऐसे में डॉक्टर लोगों के बचने की संभावना को देखते हुए इलाज करता है। इसका मतलब है कि बुजुर्ग और स्ट्रोक मरीजों का इलाज नहीं होता क्योंकि कोरोना मामलों में प्राथमिकता देखी जाती है।'जैसन ने कहा कि पांचवे चरण तक लोगों में इस वायरस का डर फैल जाता है। आपको बहुत सारे लोग मास्क और दस्ताने पहने हुए दिखाई देते हैं। हालांकि कुछ लोग अब भी सोचते हैं कि उन्हें कुछ नहीं हो सकता। ऐसे लोग बड़े समूहों में रेस्टोरेंट जाते हैं, दोस्तों से मिलते हैं और अन्य काम करते रहते हैं।उन्होंने बताया कि छठे चरण में सभी उद्योग, बार, रेस्टोरेंट, शॉपिंग सेंटर, सभी तरह की दुकानें बंद कर दी जाती हैं। हालांकि सुपरमार्केट औऱ दवाी की दुकानें खुली रहती हैं। आप केवल तभी घूम सकते हैं जब आपके पास प्रमाणपत्र हो। यह पत्र एक आधिकारिक दस्तावेज होता है जिसमें आप नाम, आप कहां से आ रहे हैं, कहां और किसलिए जा रहे हैं यह लिखा होता है। पुलिस कई जगहों पर जांच करती है। बिना वाजिब कारण बाहर घूमने वालों पर जुर्माना लगाया जाता है। यदि आप वायरस से संक्रमित रोगी हैं, तो आपको जेल भी जाना पड़ सकता है।इटली में कोरोना वायरस एक महामारी बन चुका है। जैसन का कहना है कि यह परेशानी अपने आप नहीं सुलझेगी। सभी को इसके लिए अपना-अपना सहयोग देना होगा। भारत फिलहाल दूसरे चरण में है और तीसरे चरण तक पहुंचने में हमें 30 दिन का समय लगेगा। जब इटली जैसे विकसित देश में डॉक्टर्स और नर्स की पर्याप्त संख्या नहीं है तो यदि भारत में यह वायरस तेजी से फैलता तो स्थिति भयानक रूप ले सकती है क्योंकि हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था लचर है।लोग भी सजग नहीं है। वे वायरस के टेस्ट से बच रहे हैं या फिर भाग जा रहे हैं। इससे वह अपने संपर्क में आने वाले लोगों को वायरस बांट रहे हैं जो फिर उनके जरिए औरों तक पहुंच रहा है। फिलहाल देश में किसी शहर या क्षेत्र को रेड जोन घोषित नहीं किया गया है लेकिन हम वहां तक पहुंचने से थोड़ी दूरी पर खड़े हैं। कुछ राज्य सरकारों ने इसे महामारी घोषित करते हुए स्कूल, कॉलेज, सिनेमाघरों आदि पर रोक लगा दी है। फिर भी यदि लोग थोड़ी सी जागरुकता दिखाएं तो हमारे यहां इटली जैसी स्थिति उत्पन्न ही नहीं होगी। फ्लू के लक्षण दिखने पर पास के सरकारी अस्पताल से संपर्क करें और खुद को दूसरों से अलग रखे।कोरोना वायरस चीन के वुहान से फैला है। वहां ज्यादा लोगों के संक्रमित होने पर उसने वुहान को पृथक कर दिया। यानी न तो वुहान से कोई बाहर जा सकता है और न ही कोई यहां आ सकता है। जिससे संक्रमित लोगों का इलाज आसानी से हो रहा है। साथ ही स्वस्थ लोगों को वहां अपने घरों से न निकलने की सीख दी गई है। जिससे कि दूसरे लोगों के इस संक्रमण की चपेट में आने की संभावना कम हो जाए।