वयस्क आबादी से भारत में ज्यादा हैं मोबाइल फोन



भारत में मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। आलम यह है कि वर्तमान में मोबाइल फोन की संख्या देश की वयस्क आबादी से भी ज्यादा हो गई है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या 115 करोड़ 14 लाख 37 हजार 99 (करीब 115.14 करोड़) के स्तर पर पहुंच गई है। 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की वयस्क आबादी करीब 108.85 करोड़ है।
 

आंकड़ों के मुताबिक, मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या के लिहाज से उत्तर प्रदेश शीर्ष पर है। यहां कुल 16.85 करोड़ से ज्यादा मोबाइल उपभोक्ता हैं। इनमें पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह संख्या 9.56 करोड़ से ज्यादा है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6.28 करोड़ से ज्यादा मोबाइल उपभोक्ता हैं। 9.26 करोड़ उपभोक्ताओं के साथ महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर है। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश में 8.70 करोड़, बिहार में 8.43 करोड़ और तमिलनाडु में 8.18 करोड़ से ज्यादा मोबाइल उपभोक्ता हैं।

मध्यप्रदेश में यह संख्या 7.48 करोड़, गुजरात में 6.74 करोड़, कर्नाटक में 6.73 करोड़, राजस्थान में 6.53 करोड़, पश्चिम बंगाल में 5.52 करोड़, पंजाब में 3.91 करोड़, ओडिशा में 3.30 करोड़, हरियाणा में 2.77 करोड़, उत्तर पूर्व में 1.21 करोड़, हिमाचल प्रदेश में 1.05 करोड़ और जम्मू-कश्मीर में 1.03 करोड़ से ज्यादा है।

शहरों में दिल्ली शीर्ष पर


ट्राई के आंकड़ों के मुताबिक, शहरों के लिहाज से मोबाइल उपभोक्ताओं के मामले में दिल्ली शीर्ष पर है। यहां कुल 5.29 करोड़ से ज्यादा मोबाइल उपभोक्ता हैं। मुंबई में यह संख्या 3.80 करोड़ है। इसके अलावा, कोलकाता में 2.56 करोड़ और असम में 2.36 करोड़ से ज्यादा मोबाइल उपभोक्ता हैं। दूरसंचार विनियामक ने कहा कि इंटरनेट की व्यापक पहुंच और सस्ते डाटा की वजह से मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ रही है। कई लोगों के पास एक से ज्यादा मोबाइल हैं। आने वाले समय में मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या में और बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।