उत्तर प्रदेश सरकार कोरोना संक्रमण के इलाज में लगे कर्मचारी की मृत्यु पर मिलेंगे 50 लाख



उत्तर प्रदेश सरकार कोरोना संक्रमण की रोकथाम, उपचार व उससे बचाव में कार्यरत किसी कार्मिक की संक्रमण से मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को 50 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता देगी। 
 

इस संबंध में अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार की ओर से शनिवार को जारी शासनादेश में कहा गया है कि इन कार्यों से जुड़े यह लाभ केंद्र की बीमा योजना के लाभ के दायरे में आने वाले स्वास्थ्य सेवा से जुड़े कर्मियों के अलावा महामारी से निपटने में लगे सभी विभागों, निगमों, स्वायत्तशासी संस्थाओं व प्राधिकरणों के कर्मचारियों, अन्य सरकारी, अर्द्ध सरकारी व संविदा कर्मियों, दैनिक वेतनभोगी, आउटसोर्स, स्थायी व अस्थायी कार्मिकों के आश्रितों को मिलेगा। 

गौरतलब है कि ‘अमर उजाला’ ने मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी से इस संबंध में बात कर चार अप्रैल को ऐसे कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा देने संबंधी सरकार की तैयारी का खुलासा किया था। धनराशि की स्वीकृति के लिए संबंधित जिलों के डीएम को अधिकृत कर दिया गया है। अपर मुख्य सचिव राजस्व ने बताया है कि कोरोना महामारी की रोकथाम व उससे बचाव में कार्यरत कार्मिकों  में संक्रमण की आशंका हमेशा बनी रहती है। 

ऐसे में सरकार ने तय किया है कि यदि महामारी की रोकथाम, उपचार व उससे बचाव के लिए कार्यरत कार्मिकों की कोविड-19 के संक्रमण से मृत्यु होती है तो उनके आश्रितों को सामाजिक सुरक्षा दी जाए। इसके तहत मृतक कर्मी के आश्रितों को 50 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता राशि दी जाएगी। इस धनराशि की स्वीकृति के लिए संबंधित जिलों के डीएम को अधिकृत कर दिया गया है।

विभागाध्यक्ष व सीएमओ देंगे प्रमाणपत्र
महामारी से संक्रमणग्रस्त होने पर यदि किसी कर्मी की मृत्यु होती है तो संबंधित कार्मिक का विभागाध्यक्ष यह प्रमाणपत्र देगा कि वह कार्मिक महामारी की रोकथाम, उपचार व उससे बचाव के कार्यों के लिए नियुक्त था। इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मुख्य चिकित्साधिकारी यह प्रमाणपत्र देंगे कि संबंधित कार्मिक की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण से हुई है। 

लेखपाल संघ व सफाई कर्मचारी संघ ने सीएम का जताया आभार 
लेखपाल संघ के महामंत्री ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव व ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के महामंत्री रमेंद्र कुमार ने सरकार के इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया है। इन कर्मचारी नेताओं ने कहा है कि पहले से ही पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे कर्मचारी सरकार के इस फैसले के बाद पूरे उत्साह के साथ निष्ठा, ईमानदारी और साहस के साथ महामारी से लड़ाई में योगदान दे सकेंगे। इन दोनों संवर्गों की ओर से सामाजिक सुरक्षा की मांग के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया था।