लखनऊ : आठ नवंबर तक धारा 144 बढ़ाई गई, विधान भवन के एक किलोमीटर के दायरे में कई प्रतिबंध
दुर्गापूजा, दशहरा, बारावफात व दीपावली को देखते हुए कमिश्नरेट में धारा धारा 144 बढ़ाई गई है। जेसीपी कानून एवं व्यवस्थ पीयूष मोर्डिया के मुताबिक पिछली बार आठ सितंबर को इस धारा को पांच अक्तूबर तक के लिए लागू किया गया था। मंगलवार की मध्य रात्रि को समाप्त होनी थी। लेकिन त्योहारों में अतिरिक्त सुरक्षा को देखते हुए इसे आठ नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है। इस दौरान कोई भी विधान भवन के एक किलोमीटर के दायरे में अग्नेयाश्त्र, ज्वलनशील पदार्थ, सिलेंडर, घातक पदार्थ, हथियार प्रतिबंधित रहेगा। जेसीपी कानून व्यवस्था के मुताबिक कोविड-19 महामारी की वजह से 24 बिंदुओं पर पाबंदी लगाई गई है। इसमें सार्वजनिक स्थान पर पांच से अधिक लोग एक साथ नहीं जुट सकते हैं। किसी भी धार्मिक स्थल पर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग नहीं किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति अपनी छत पर ईंट, पत्थर, सोडावाटर की बोतल, ज्वलनशील पदार्थ अथवा विस्फोटक जमा नहीं कर सकेंगे। किसी भी तरह का सांप्रदायिक तनाव या वैमनस्यता फैलाने वाले प्रकाशन पर रोक रहेगी। सरकारी कार्यालय, विधान भवन या आसपास एक किलोमीटर के दायरे में ड्रोन से शूटिंग करना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। जिनका पालन कराने के लिए पुलिस कर्मी तैनात हैं। इसके अलावा कई संगठनों के प्रदर्शन प्रस्तावित हैं। जिनसे शंति व्यवस्था भंग हो सकती है। इसे देखते हुए 8 नवंबर तक के लिए धारा 144 प्रभावी रहेगी। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया है कि इस संबंध में प्रचार प्रसार और लोगों को जागरूक किया जाए। सभी पुलिस आयुक्त न्यायालय व कार्यालय में नोटिस बोर्ड पर सूचना चस्पा किया जाए। साथ ही सभी थाना व पुलिस कंट्रोल रूम की गाड़ियों में लगे स्पीकर से प्रचार किया जाए। त्यौहारों के मद्देनजर किए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नवरात्र और आने वाले दिनों के अन्य त्यौहारों के मद्देनजर पुलिस महकमे ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। वहीं, हाल ही में हुई घटनाओं को लेकर पुलिस सतर्क भी है। डीजीपी मुकुल गोयल ने बताया कि आगामी त्यौहारों के मद्देनजर फील्ड के अफसरों को निर्देश जारी किए गए हैं। हर तरह के विवाद को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई के लिए कहा गया है। सोशल मीडिया पर नजर रखने और अफवाहों त्वरित रोकने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए 138 कंपनी पीएसी और 5 कंपनी अर्ध सैनिक बल की तैनाती विभिन्न जिलों में की गई है।