अखिलेश यादव ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला

 

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ढाई साल से ऐसा दल सत्तारूढ़ है जिसे जनसेवा से कुछ लेना-देना नहीं है। दूसरे के कामों का फीता काटने वालों को ध्यान रखना चाहिए कि जनता उनका पत्ता काटने के लिए तैयार बैठी है।
 

अखिलेश ने जारी एक बयान में कहा कि सपा सरकार में लोकभवन का निर्माण और लोकार्पण हुआ। लोकभवन से लोक प्रशासन चलता है, सुशासन का संदेश जाता है। लेकिन, भाजपा सरकार में लोकभवन से अन्यायपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। अत्याचार की पराकाष्ठा यह है कि निर्दोषों का उत्पीड़न किया जा रहा है।

सनद रहे कि जो सरकार जनता को दुख-दर्द पहुंचाती है, लोकतंत्र में जनता भी समय आने पर अपना निर्णय करने में झिझकती नहीं। उन्होंने कहा, भाजपा सरकार ने खुद ही राज्य सभा में कहा है कि एनपीआर ही एनआरसी का आधार होगा तो ये भाजपाई कितना झूठ बोलकर गुमराह करेंगे।

इनके छिपे उद्देश्यों का अब भंडाफोड़ हो चुका है। सीएए, एनआरसी, एनपीआर जनता के लिए समस्या बनकर आई है। यह सामाजिक न्याय की अवधारणा के खिलाफ साजिश है। देश की एकता को खंडित करने वालों की चलाचली की बेला आ गई है।


यूपी को बनाया बीमारियों का घर



सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने प्रदेश को बीमारी का घर बना दिया है। आयुष्मान भारत योजना फर्जी है। 70 लाख लोगों को निशुल्क इलाज कहां से मिल गया जबकि जन औषधि केंद्रों में पर्याप्त दवाइयां ही उपलब्ध नहीं हैं। बेहतर सड़क, शिक्षा, परिवहन और चिकित्सा सुविधाएं कहां है?

किसानों और नौजवानों की जिंदगी में छाया अंधेरा छांटने के लिए क्या हो रहा है? या तो सरकार भ्रमित है अथवा जनता को भ्रमित करने को अपनी सफलता मानती है।



भाजपा खुद बनी जनता के लिए समस्या



अखिलेश ने कहा कि भाजपा में सेवा का संस्कार ही नहीं है। सुशासन का अर्थ तो सरकारी दखल कम होने का है, लेकिन यहां तो दमन के सहारे सत्ता चलाई जा रही है। भाजपा खुद ही जनता के लिए समस्या बन गई है। प्रधानमंत्री के दावे पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि जब अर्थव्यवस्था मंदी से घिरी है, किसानों की आत्महत्या थम नहीं रही है।