डॉक्टर की मौत मुंह बंद कर देने से हुई थी , सबूत मिटाने को लगाई थी शव में आग

 

 

सरकारी वेटरनरी डॉक्टर के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या करने वाले आरोपियों ने एक बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, दुष्कर्म के दौरान दिखाई गई हैवानियत में पीड़िता की चीखों को दबाने के लिए एक आरोपी ने उसका मुंह दबा रखा था। इसी कारण सांस घुटने से उसकी मौत हो गई।
 

पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनर ने बताया कि सामूहिक दुष्कर्म के दौरान दिखाई जा रही हैवानियत पर महिला डॉक्टर की चीख निकलने से आरोपी घबरा गए थे। इसी दौरान एक आरोपी मोहम्मद आरिफ ने उसका मुंह बंद कर दिया। सांस नहीं ले पाने के कारण डॉक्टर की दम घुटने से मौत हो गई। पुलिस आयुक्त के मुताबिक, हैवानियत की यह घटना बुधवार रात 9.35 से 10 बजे के बीच अंजाम दी गई।


ट्रक में लादकर ले गए थे शव



पुलिस आयुक्त ने बताया कि सामूहिक दुष्कर्म में महिला डॉक्टर की मौत हो जाने के बाद आरोपियों ने उसका शव एक ट्रक में लाद लिया था। शव को ठिकाने के लिए ही उन्होंने हाईवे पर एक पेट्रोल पंप से ट्रक में डीजल भरवाने के दौरान थोड़ा पेट्रोल भी एक केन में भरवा लिया था। सबूत नष्ट करने के लिए सुनसान जगह पहुंचकर शव पर पेट्रोल छिड़ककर उसमें आग लगा दी गई थी। पुलिस आयुक्त के मुताबिक, चारों आरोपियों मोहम्मद आरिफ, नवीन, चिंताकुंता केशावुलू और शिवा को लोगों से पूछताछ और आसपास मौजूद सीसीटीवी की मदद से दबोचा गया।

पहले से ही तय कर ली थी पूरी साजिश


पुलिस आयुक्त का कहना है कि चारों आरोपियों ने बुधवार सुबह टोल प्लाजा पर पीड़िता को स्कूटी खड़ी करते देखकर ही पूरी साजिश बना ली थी। इसी साजिश के तहत उन्होंने स्कूटी की हवा निकाल दी थी। महिला डॉक्टर जब रात में करीब 9 बजे गाचीबाउली से टैक्सी के जरिये वहां पहुंची तो ट्रक ड्राइवर आरिफ और उसका हेल्पर शिवा पंक्चर स्कूटी ठीक कराने के बहाने उसे टोल प्लाजा से थोड़ी दूर ले गया। इसके बाद चारों उसे दबोचकर एक खाली प्लॉट में ले गए और सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम दे दिया।




चारों आरोपी भेजे गए जेल



महिला पशु चिकित्सक से सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर शव को जलाने वाले चारों आरोपी शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिए गए। तेलंगाना पुलिस ने शादनगर इलाके में हुई इस दुर्दांत घटना के चारों आरोपियों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया था। उनकी पहचान मोहम्मद आरिफ, नवीन, चिंताकुंता केशावुलू और शिवा के तौर पर की गई थी। शादनगर थाने के बाहर भारी भीड़ ने घटना के विरोध में प्रदर्शन भी किया। आरोपियों को अदालत ले जाते समय प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा।

साइबराबाद पुलिस के मुताबिक, शनिवार को चारों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने केस को महबूबनगर फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेजने की सिफारिश करने की बात कही है, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाई जा सके। उधर, पीड़िता की मां ने ऐसे अपराधियों को सबक सिखाने के लिए चारों आरोपियों को सबके सामने जिंदा जलाने की मांग की है।