स्विगी-जोमैटो ने बढ़ाया डिलीवरी चार्ज,ऑनलाइन खाना मंगाना हुआ महंगा

 

पिछले छह महीनों में ऑनलाइन खाना मंगवाना काफी महंगा हो गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनियों ने जहां एक तरफ छूट देना बंद कर दिया है, वहीं डिलीवरी चार्ज में काफी बढ़ोतरी कर दी है। इससे अब लोग पहले की तरह रेस्टोरेंट पर सीधे फोन करके खाना मंगाने लगे हैं। 
 

फूड डिलिवरी एप जोमेटो और स्विगी द्वारा ऐसा करने से रेस्टोरेंट्स की बिक्री पर भी असर देखने को मिला है। कंपनियों ने ऑर्डर कैंसिल करने पर भी पैसा वसूलना शुरू कर दिया है। अब ग्राहकों को केवल कुछ चुनिंदा रेस्टोरेंट पर ही छूट मिल रही है, इसके अलावा इन कंपनियों ने अपने रॉयल्टी प्रोग्राम में भी बढ़ोतरी कर दी है। 

पांच से छह फीसदी की गिरावट


इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अक्तूबर से जोमेटो और दिसंबर से स्वीगी से जुड़े रेस्टोरेंट की बिक्री में पांच से छह फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। जोमेटो ने हाल ही ऑन टाइम या फिर फ्री डिलिवरी की सुविधा को भी शुरू किया है। इसके लिए ग्राहकों को 10 रुपये अतिरिक्त देने होते हैं। अगर ग्राहक को तय वक्त में खाना नहीं पहुंचेगा, तो फिर उसको कंपनी मुफ्त में खाना देगी। 

जोमेटो ने अपनी गोल्ड मेंबरशिप की फीस में भी बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही दूरी के हिसाब से डिलीवरी चार्ज को लागू कर दिया है। अब जोमेटो 16 से लेकर के 45 रुपये तक डिलीवरी चार्ज के तौर पर वसूल रही है। स्विगी ने छोटे शहरों और कस्बों में अपने डिलीवरी चार्ज को बढ़ाने का फैसला किया है। स्विगी अब 98 रुपये तक की डिलीवरी पर 31 रुपये और उससे ज्यादा के ऑर्डर पर 21 रुपये वसूल रही है। पीक ऑवर्स में खाना मंगाने पर ग्राहकों से अतिरिक्त पैसा वसूला जा रहा है। 

खाने का कीमत में भी अंतर


वहीं रेस्टोरेंट में जाकर खाने और फूड डिलीवरी में भी कीमतों में अंतर देखा गया है। रेस्टोरेंट ऑनलाइन एप से खाना मंगाने पर ज्यादा रेट वसूलते हैं। वहीं रेस्टोरेंट में फोन करके या फिर वहां पर डाइन-इन करने पर कीमतों में स्थिरता रहती है। ऑनलाइन खाना मंगाने पर अब पैकिंग चार्ज और अन्य तरह के कर भी वसूले जा रहे हैं।