मेरठ में बाइक बोट के नाम पर 21 लोगों से एक करोड़ की ठगी

 

बाइक बोट कंपनी के नाम पर 21 और लोगों से करीब एक करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। मंगलवार को इंचौली क्षेत्र के काफी लोग एसएसपी ऑफिस पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। पीड़ित लोगों का कहना है कि आरोपी झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।
 

गांव मैथना इंदर सिंह निवासी जोगेंद्र सिंह ने शिकायती पत्र में बताया कि मोदीपुरम निवासी व्यक्ति अपने आप को कंपनी का डायरेक्टर बताता था। वहीं, एक महिला बाइक बोट कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बताती थी।

आरोपियों द्वारा गर्वि एनेवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड कंपनी (बाइक बोट) के नाम से पूर्व में स्कीम चल रही थी। जिसमें कंपनी में शामिल महिला ने हमें स्कीम के बारे में बताया। जिसमें कहा गया कि 62100 रुपये लगाने पर एक लाख 17 हजार रुपये मिलेंगे। तीन बाइक के एक लाख 86 हजार रुपये लगाने पर दो गुना पैसा मिलने का आश्वासन दिया। लेकिन न तो पैसा दिया गया और अब धमकी दी जा रही है।

जोगेंद्र ने बताया कि कंपनी ने संदीप चौहान, राहुल चौहान, श्यामवीर चौहान, इंद्रेश, सतेंद्र चौहान, जगदीश, योगेश, अनुराधा, सुमन, विनय, नितिन पंवार, बरखा, रेखी, अभिषेक, सूरजपाल, जयवीर, सतीश, पूनम, अंबिका नीतू से पैसा लिया।

इनसे ढाई लाख से नौ लाख रुपये तक की ठगी की गई है। इस संबंध में एसपी क्राइम रामअर्ज ने कहा कि बाइक बोट के अधिकांश मुकदमे नोएडा में दर्ज हुए। इस शिकायती पत्र के साथ नोएडा पुलिस को पत्र लिखा जा रहा है।


 


सरकारी ठेका दिलाने के नाम पर 48 लाख ठगे



मोहल्ला लद्दावाला निवासी अधिवक्ता को उत्तराखंड में सरकारी ठेका दिलाने और फर्म बनवाने का झांसा देकर ठगों ने 48 लाख रुपये ठग लिए। अधिवक्ता ने तीन नामजद व तीन अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लद्दावाला निवासी सरफराज ने तहरीर देकर बताया कि कुछ समय पूर्व उसके परिचित उत्तराखंड के रुड़की निवासी आरिफ कादरी व अमजद कादरी पुत्रगण सईद ने उसे उत्तराखंड में सरकारी ठेके दिलाने की बात कही थी। 

परिचित होने के नाते अधिवक्ता ने दोनों भाइयों पर विश्वास कर बात आगे बढ़ाई। उन्होंने हरिद्वार के शिवालिक नगर निवासी राकेश कुमार व तीन अन्य लोगों से अधिवक्ता की मुलाकात कराते हुए उनकी फर्म रजिस्टर्ड कराने और सरकारी ठेके दिलाने की बात कही। 

आरोप है कि सभी लोगों ने अधिवक्ता से इसके लिए 48 लाख रुपये ले लिए। कई माह बीतने के बावजूद आरोपियों ने न तो उनकी फर्म रजिस्टर्ड कराई और न ही कोई ठेका दिलाया। 

जब अधिवक्ता ने आरोपियों पर दबाव बनाया तो फर्म रजिस्ट्रेशन के फर्जी कागजात उसे दे दिए गए। ठगी का अहसास होने पर अधिवक्ता ने आरोपियों से रुपये मांगे तो उन्हें धमकियां दी जाने लगीं। पीड़ित अधिवक्ता की तहरीर पर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।



 


बाइक बोट कंपनी के नाम पर 21 और लोगों से करीब एक करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। मंगलवार को इंचौली क्षेत्र के काफी लोग एसएसपी ऑफिस पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। पीड़ित लोगों का कहना है कि आरोपी झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।
 

गांव मैथना इंदर सिंह निवासी जोगेंद्र सिंह ने शिकायती पत्र में बताया कि मोदीपुरम निवासी व्यक्ति अपने आप को कंपनी का डायरेक्टर बताता था। वहीं, एक महिला बाइक बोट कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बताती थी।

आरोपियों द्वारा गर्वि एनेवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड कंपनी (बाइक बोट) के नाम से पूर्व में स्कीम चल रही थी। जिसमें कंपनी में शामिल महिला ने हमें स्कीम के बारे में बताया। जिसमें कहा गया कि 62100 रुपये लगाने पर एक लाख 17 हजार रुपये मिलेंगे। तीन बाइक के एक लाख 86 हजार रुपये लगाने पर दो गुना पैसा मिलने का आश्वासन दिया। लेकिन न तो पैसा दिया गया और अब धमकी दी जा रही है।

जोगेंद्र ने बताया कि कंपनी ने संदीप चौहान, राहुल चौहान, श्यामवीर चौहान, इंद्रेश, सतेंद्र चौहान, जगदीश, योगेश, अनुराधा, सुमन, विनय, नितिन पंवार, बरखा, रेखी, अभिषेक, सूरजपाल, जयवीर, सतीश, पूनम, अंबिका नीतू से पैसा लिया।

इनसे ढाई लाख से नौ लाख रुपये तक की ठगी की गई है। इस संबंध में एसपी क्राइम रामअर्ज ने कहा कि बाइक बोट के अधिकांश मुकदमे नोएडा में दर्ज हुए। इस शिकायती पत्र के साथ नोएडा पुलिस को पत्र लिखा जा रहा है।