निजी अस्पताल आयुष्मान योजना में अनुबंध करने को तैयार नहीं

अटल आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड पर मरीजों का इलाज करने के लिए प्रदेश के कई बड़े निजी अस्पताल अपने हाथ पीछे खींच रहे हैं। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी की ओर से लगातार प्रयास करने के बावजूद भी ये निजी अस्पताल अनुबंध करने के लिए तैयार नहीं है।
 

अटल आयुष्मान योजना में वर्तमान में 170 से अधिक सरकारी व निजी अस्पताल पंजीकृत हैं। जहां गोल्डन कार्ड पर मरीजों को पांच लाख तक कैशलेस इलाज कराने की सुविधा मिल रही है। केंद्र व प्रदेश सरकार ने योजना में 1500 से अधिक बीमारियों का इलाज करने के लिए पैकेज रेट निर्धारित किए हैं। निजी अस्पताल पैकेज रेट कम होने का तर्क देकर गोल्डन कार्ड पर मरीजों का इलाज करने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी की कोशिश है कि आयुष्मान योजना के कार्ड पर मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिले। इसके लिए प्रदेश में चल रहे सभी बड़े निजी अस्पतालों को आयुष्मान योजना से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार की ओर से योजना में अस्पतालों का अनिवार्य पंजीकरण करने के लिए एक्ट बनाने पर विचार किया जा रहा है।


निजी अस्पतालों के साथ लगातार बात चल रही है



अटल आयुष्मान योजना में पंजीकरण कराने के लिए निजी अस्पतालों के साथ लगातार बात चल रही है। हॉस्पिटल प्रबंधन की ओर से सकारात्मक रिस्पांस मिल रहा है। योजना में मरीजों का इलाज करने वाले अस्पतालों को सात दिन के भीतर पेमेंट की जा रही है।

अब तक 1.25 लाख मरीजों का इलाज

अटल आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड पर अब तक 1.25 लाख मरीजों का कैशलेस इलाज किया गया। जिसमें लगभग 116 करोड़ की धनराशि खर्च हुई है। योजना में प्रत्येक लाभार्थी का गोल्डन कार्ड बनाने के लिए सरकार ने अभियान चलाया है। इस अभियान में करीब चार लाख लाभार्थियों को कार्ड जारी किए गए हैं।