जालसाजों ने तीन लोगों से की 40 लाख की ठगी
लखनऊ। जालसाजों ने आवास विकास का मकान दिलाने के नाम पर एक युवक से 26 लाख रुपये ठग लिए। वहीं एक चिकित्सक से नर्सिंग होम के लिए मेडिकल उपकरण आपूर्ति के नाम पर 10 लाख की ठगी कर ली गई। इसके अलावा एक रेस्टोरेंट संचालक से 4.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। पीड़ितों ने पीजीआई, विभूतिखंड थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। प्रभारी निरीक्षक पीजीआई आनंद प्रकाश शुक्ला के मुताबिक, राजाजीपुरम निवासी अनुराग शुक्ला वृंदावन कॉलोनी में मकान लेना चाहते थे। वे आवास विकास परिषद के कार्यालय पहुंचे। जहां उनकी मुलाकात अरविंद सिंह और धर्मेंद्र मिश्रा से हुई। आरोपियों ने मकान के लिए वृंदावन कॉलोनी सेक्टर-12 निवासी जगत नारायण शुक्ला व उनकी पत्नी गायत्री से मुलाकात कराई। 26 लाख रुपये में मकान का सौदा तय हुआ। अनुराग ने किस्तों में रुपये जगत नारायण को दिए। इसके बाद भी मकान नहीं मिला। रुपये वापस मांगने पर आरोपी गाली-गलौज करने लगे। पीड़ित ने एडीसीपी दक्षिण से मुलाकात की जिनके आदेश पर पीड़ित की तहरीर पर पीजीआई थाने में जगत नारायण, गायत्री, अरविंद सिंह, धर्मेंद्र व जगत नारायण के रिश्तेदार महेश के खिलाफ ठगी का केस दर्ज कर लिया गया है। नर्सिंग होम में उपकरण सप्लाई के नाम पर ठगी विभवखंड-3 निवासी डॉ. इश्तियाक अहमद की क्लिनिक है। पारा के मनोज व अरविंद दुबे से इश्तियाक के व्यापारिक रिश्ते थे। डॉक्टर ने विभवखंड में नर्सिंग होम का निर्माण कराया था। मेडिकल उपकरण की आपूर्ति करने के लिए मनोज व अरविंद को दस लाख रुपये दिए थे। इश्तियाक के अनुसार, आरोपियों ने सामान नहीं दिया। अगस्त में उन्हें नर्सिंग होम खोलना था। इसलिए दूसरे व्यक्ति से काम पूरा कराया। इश्तियाक ने मनोज और अरविंद के खिलाफ केस दर्ज कराया है। सिक्योरिटी मनी के 4.5 लाख हड़पने का केस वजीर हसन रोड निवासी अमित कुमार अग्रवाल रेस्टोरेंट संचालक है। वेल्डन इंफ्रा के निदेशक मुकुंद हलवासिया और उनकेपिता उमाशंकर से दुकान किराए पर ली थी। इसमें चाइनीज किचन व सागर रत्ना के नाम से रेस्टोरेंट खोला। कुछ समय बाद अमित को काम बंद करना पड़ा। इस पर अमित ने दुकान लेते समय जमा किए गए 4.5 लाख रुपये वापस करने को कहा तो आरोपियों ने इनकार कर दिया। अमित ने डीसीपी पूर्वी संजीव सुमन से शिकायत की। उनके निर्देश पर पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ केस दर्ज किया है।